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ट्रम्प ने इस मुस्लिम देश के राष्ट्रपति को दी ये बड़ी चेतावनी, मचा हाहाकार

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पेंटागन ने सिरिआइ राष्ट्रपति बशर अल-असद को गुरुवार को चेतावनी दी है की वे संयुक्त राज्य द्वारा समर्थित कुर्द नेतृत्व सेनाओं पर आक्रामक न करे,जो सेना देश के उत्तर पूर्व को नियंत्रित करती  है. संयुक्त कर्मचारियों के संयुक्त निदेशक ने एक  सम्मलेन में संवाददाता से कहा की सीरिया में किसी भी पार्टी को यह समझना चाहिए की अमेरिकी सेना या अमेरिका के गठबंधन के किसी भी सहयोगियों पर हमला करना एक बुरी नीति होगी.

सिरिआइ सरकार इस बात पर लगातार इनकार कर रही हैं की इन्होने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया.सिरिआइ नागरिकों ने राजधानी दमिश्क के प्रमुख चौराहे पर आकर हमले का विरोध करना शुरू कर दिया.ये लोग कारों का हॉर्न बजाकर सिरिआइ झंडे के साथ साथ रूस का झंडा भी लहराना लगे.हमले के तुरंत बाद घर से बाहर निकलकर जश्न मनाने लगे.रुसी प्रसारक को असद की किये गए बयान के अनुसार उनकी बात तब हुई जब सिरिआइ फाॅर्स द्वारा आयोजित देश के तीसरे हिस्से को वापस लेने के लिए बल का उपयोग करने में संकोच नहीं करेंगे. उनका कहना है की सीरिया में छोड़ी गई एकमात्र समस्या एसडीएफ है.उसमे से पहला विकल्प बताया की हमने बातचीत के लिए दरवाजे खोलना शुरू किया है.सीरिया में सरकार के खिलाफ भी प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है.

दुसरे विकल्प बताते हुए उन्होने अंग्रेजी में कहा क्योंकि वहा अधिकतर सिरिआई है और माना जाता है की वो अपने देश को पसंद करते है.इसके कारण वो किसी भी देश को कठपुतली बनाना नहीं पसंद करते.हमारे पास एक विकल्प है की एक दुसरे के साथ सिरिआइ के रूप में रहने के लिए और उन्होंने कहा की यदि ऐसा विकल्प नहीं है तो उन क्षेत्रों को मुक्त कराने के लिए रिसोर्ट करने जा रहे है. दाना वाइट जो की पेंटागन की प्रवक्ता है उन्होंने कहा की अमेरिका सीरिया के गृहयुद्ध में शामिल नहीं होना चाहता है.उन्होंने कहा की अमेरिका सिर्फ वही क्षेत्रों में सुरक्षा प्रदान करेगा जहा एसडीएफ इस्लामी राज्य लड़ रहे है.स्वंय घोषित कुर्द स्वायत्त प्रशासन के मिलिशिया द्वारा प्रभुत्व वाले एसडीएफ, आईएस के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन जमीन और जमीन पर अमेरिका और फ्रेंच विशेष बालों से समर्थन करते है.

वहा रुसी और एसडीएफ समर्थित सिरिआइ सैनिक दोनों आइएस के खिलाफ लगे हुए है,जो अत्यधिक अस्थिर स्थिति बनाते हुए दिखाए देते है.जहा भ्रम तंत्र पहले से परिक्षण कर चुके है.इससे पहले एसडीएफ ने सिरिआइ सेनाओं से संघर्ष कर चुके है.साथ ही गठबधन ने कई बार सरकारी बलों और उनके सहयोगियों पर हमला किया.एसडीएफ का कहना है की सैन्य समाधान काम नहीं करेगा.अमेरिका के समर्थित सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्स (एसडीएफ) के एक प्रवक्ता ने राष्ट्रपति असद को उनके पूर्व टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा की एक सैन्य समाधान किसी भी परिणाम का कारण नहीं बन सकता.प्रवक्ता किनो गेब्रियल ने रॉयटर्स को एक संदेश में कहा की जहा तक सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्स का सवाल है वहा तक तो सैन्य समाधान ,सिरिआइ लोगों के लिए अधिक नुकसान और विनाश का कारन बन सकती है.

वैसे भी अमेरिका साथ ब्रिटन ने सीरिया पर हमले किये.ज्यादातर हमले सीरिया के रासायनिक हथियारों के अड्डे पर हुए.सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने इस हमले को लेकर कहा की ये आंतरराष्ट्रिय क़ानून का घोर उल्लंघन है.सीरिया में शनिवार की सुबह को धमाको के हमले के साथ शुरुवात हुई .सिरिआइ सेना ने बताया की स्थानीय समय से हमला सुबह ४ बजे से शुरू हुआ.हमले की शुरुवात में मिसाइलों ने दमिश्क के पूर्वी उपनगरों को निशाना बनाया.इस हमले के कारण दूर दूर तक जमीन थर्रा उठ गयी.सिरिआइ के वायु रक्षा तंत्र ने अलग अलग ठिकानों से हवा में मार करनेवाली मिसाइल दागी.सुबह का सूरज उगने से एक तरफ लाउड स्पीकर पर अजान की शुरुवात तो दूसरी तरफ धमाकों की ललकार शुरू हो रही थी.अमेरिका में इस हमले का मकसद असद को सबक सिखाना कहा.

रुसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की और साथ ही निकले हुए नतीजों को भी चेतावनी दी.उन्होंने ये भी कहा की ऐसे हमलों के कारण सीरिया के जनता में मानवीय त्रासदी और भी बढ़ जायेगी.रूस के राष्ट्रपति ने भी इसके कारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा की बैठक तुरंत बुलाने की मांग की.पुतिन ने हमले को सामने रखते हुए कहा की ऐसे हमलों के कारण आंतरराष्ट्रिय सबंधों के तंत्र पूरी तरह से बिघाड जायेंगे और नतीजे भी विनाशकारी हो जायेंगे.इस हमले के बारे में अमेरिकी अधिकारियों को पूछा गया तो उन्होंने कहा की इस हमले का निशाना राष्ट्रपति असद के रासायनिक अड्डे है.अमेरिका का कहना है की इन अड्डों पर रासायनिक हथियार बनाने की और साथ ही विकसित करने का कार्यक्रम चल रहा है. सिरिआइ टेलीवीजन का कहना है की सीरिया के वायु रक्षा तंत्र ने इस हमले का जवाब दिया.

अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस का कहना है की इस हमले से अमेरिका का कोई नुकसान नहीं हुआ.उन्होंने अमेरिकी हमलों को सावधानी समेत चोट करनेवाले ऐसा बताया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा की राष्ट्रपति असद जब तक अपने रासायनिक हमलों से वहा के नागरिकों पर प्रतिबन्ध लगाते रहेंगे तब तक अमेरिका सीरिया के ऊपर आर्थिक,राजनितिक साथ ही सैनिक दबाव बनाए रखने के लिए तैयार है.इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्टार पर तीखी बहस शुरू हो गयी है.पुतिन का कहना है की रुसी सैन्यों ने भी इलाकों का निरिक्षण किया है लेकिन उन्हें कोई सबूत नहीं मिला.अमेरिका के सेना प्रमुख जनरल जोसेफ डनफोर्ड का कहना है की अमेरिका ने रुसी सरकार को इससे पहले जानकारी नहीं दी.फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने कहा की अपने सहयोगिओं साथ निश्चित किया था की रूसियों को इस हमले की चेतावनी दी.