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ट्रम्प ने PM मोदी को दिया अब तक का ये सबसे बड़ा तोहफा,पाक में मचा हाहाकार

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भारत और अमेरिका की दोस्ती वक़्त के साथ और गहरी हो रही है. सरकार ने भारतीय सेना को छह AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर की बिक्री को मंजूरी दे दी है. अमेरिकी राज्य विभाग की तरफ से ये जानकारी सामने आई है. यह प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस में पास किया गया जिस पर किसी अमेरिकी नेता ने कोई गतिरोध नहीं किया.

एलओसी पर पाकिस्‍तान लगातार सीजफायर का उल्‍लंघन कर रहा है. इसमें अब तक कई भारतीय जवान शहीद हुए हैं. हालांकि भारत की जवाब कार्रवाई में उसके पसीने छूट जाते हैं. उसके रेंजर भारतीय अफसरों को फोन कर गोलाबारी रोकने के लिए गिड़गिड़ाते हैं. इस बीच, एक बड़ी खबर यह है कि अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा संबंध और मजबूत करते हुए अपने 6 अत्‍याधुनिक बोइंग एच 64ई अपाचे हेलीकॉप्‍टर देने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है. इससे भारतीय फौज की ताकत काफी बढ़ जाएगी. इन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन अटैक हेलीकॉप्टर माना जाता है. इसके साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग ने 4 एएन/एपीजी-78 फायर कंट्रोल रडार, 180 एजीएम-114एल-3 हेलफायर लांगबो मिसाइल, 90 एजीएम-114आर-3 हेलफायर टू मिसाइल, 200 स्ट्रिंगर ब्‍लॉक वन-92 एच मिसाइल, एम्‍बेडेड जीपीएस इंटीरियल नैविगेशन सिस्‍टम, 30 एमएम कैनन, ट्रांसपोर्डर, सिमुलेटर, ट्रेनिंग इक्विमेंट देने को भी तैयार हो गया है.

इन पूरे सैन्‍य साजोसामान में कुल 930 मिलियन डॉलर खर्च होंगे. इसके पहले बोईंग और भारतीय सहयोगी टाटा ने मिलकर भारत में AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर के निर्माण करने का फैसला किया था लेकिन मंगलवार को आई नई जानकारी के मुताबिक अब अमेरिकी निर्माता कंपनी बनी बनाई तैयार हेलीकॉप्टर की भारत में बिक्री को मंजूरी दे दी है. इसके लिए मुख्य अमेरिकी ठेकेदार कंपनियों में अमेरिकी हथियार, उड़ान कंपनी और इंजीनियरिंग कंपनी लॉकहीड मार्टिन, जनरल इलेक्ट्रिक और रेथॉन शामिल है. हेलीकॉप्टर के अलावा, समझौते में नाइट विजन सेंसर, जीपीएस मार्गदर्शन, एंटी-कवच और स्टिंगर एयर-टू-एयर मिसाइल शामिल हैं. अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने एक बयान में कहा, “AH-64E हर तरह के खतरों का सामना करने और अपनी सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण करने के लिए भारत की रक्षात्मक क्षमता में वृद्धि प्रदान करेगा.”

भारत को सशस्त्र बलों में हेलीकॉप्टरों और उपकरणों का समर्थन करने में कोई कठिनाई नहीं होगी. इस उपकरण की प्रस्तावित बिक्री इस क्षेत्र में बुनियादी सैन्य संतुलन को नहीं बदलेगी. पिछले साल अगस्त में रक्षा मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक में सेना के लिए लड़ाकू हेलीकॉप्टर खरीदने के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी थी. अपाचे हेलीकॉप्‍टर को बोइंग कंपनी बनाती है. इस कंपनी के साथ देश के टाटा ग्रुप की साझेदारी भी है. दोनों कंपनियां मिलकर भारत में हेलीकॉप्‍टर का निर्माण कर रही हैं. अमेरिका के रक्षा विभाग ने इस सौदे की पुष्टि की है. उसका कहना है कि भारत की मांग पर अमेरिका ने इस सौदे को मंजूरी दी है. इससे दोनों देशों के रक्षा संबंध और प्रगाढ़ होंगे.

साथ ही दक्षिण एशिया में राजनीतिक स्थिरता, शांति और आर्थिक प्रगति में इजाफा होगा. अमेरिका ने यह भी कहा कि इस सौदे का उद्देश्‍य यह कतई नहीं है कि वह दक्षिण एशिया में सैन्‍य संतुलन बिगाड़ना चाहता है. ‘उपकरणों की प्रस्तावित बिक्री एवं सहयोग से क्षेत्र में मूलभूत सैन्य संतुलन नहीं बिगड़ेगा’. भारत एवं अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा कारोबार वर्ष 2008 से करीब शून्य से 15 अरब डॉलर तक बढ़ा है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि , ‘अगले दशक तक सैन्य आधुनिकीकरण पर भारत के अरबों खर्च करने की संभावना है और हम अमेरिकी उद्योग जगत के लिये यह मौका हासिल करने को इच्छुक हैं. ऐसी बिक्रियों से न सिर्फ हमारे रक्षा सहयोग को समर्थन मिलेगा बल्कि इनसे देश के अंदर नौकरियां भी पैदा होंगी’.

हाल के वर्षों में अमेरिका ने सरकारी स्तर पर भारत को सी -17 परिवहन विमान , 155 मिमी लाइट – वेट टोड होवित्जर , यूजीएम -84 एल हारपून मिसाइल , सपोर्ट फॉर सी -130जे सुपर हरक्युलिस विमान और रासायनिक , जैविक , रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु (सीबीआरएन) सहयोग उपकरण बेचे हैं. अपाचे हेलीकॉप्‍टर अमेरिकी सेना के एडवांस्‍ड अटैक हेलीकॉप्‍टर प्रोग्राम का हिस्‍सा है. 4 दशक से यह अमेरिकी सेना का हिस्‍सा है. इसे दुनिया का सबसे खतरनाक मारक हेलिकॉप्टर माना जाता है. अभी यह हेलीकॉप्टर इजराइल, मिस्र और नीदरलैंड के पास है. भारत इस एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर के साथ अमेरिका से संबद्ध उपकरण, स्पेयर पार्ट्स, प्रशिक्षण एवं गोला-बारूद भी लेगा. अपाचे हेलिकॉप्टरों की मदद से भारतीय सेना न सिर्फ पश्चिमी सीमा पर दुश्मनों के परखच्चे उड़ाने में सफल होगी, बल्कि वर्मा की सीमा में घुसकर किए काम्बैट ऑपरेशन की तरह वो और भी ऑपरेशन करने में सक्षम होगी.