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दुबई में दो भारतियों को हुई 500 साल की सजा, ये वजह आयी सामने

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Sheik Mohammed bin Rashid Al Maktoum, center, arrives for the 'Smart Dubai' launch in Dubai, United Arab Emirates, Wednesday, March 5, 2014. After years of chasing the biggest and the best, the fast-growing Mideast city of Dubai is turning to technology to help the little things in life run more smoothly. (AP Photo/Kamran Jebreili)

दुनिया में आये दिन पैसों के घोटाले सामने आ रहे है. कहते है की दुनिया पैसों के बल पर चलती है. लेकिन कई बार कुक ठग लोगों की जिंदगीभर की कमाई का पैसा डूबा देते है, उन्हें ठग लेते है. पैसों के मामले में आजकल किसी पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता. लोगों का पैसा डुबाने की घटनाये हर दिन कही न कही घाट रही है. फिर भी लोग इससे सावधान नहीं हो रहे. लोग ज्यादा नफा पाने के लालच में किसी भी योजने में अपने पैसे लगा देते है. और नतीजा होता है धोका, सारा पैसा गवा देते है.

लोगों के इसी लालच और मुर्खता का फायदा यह ठग लोग उठाते है. वह लोगों को अपने बातो में आसानी से फस लेते है और उनका पैसा हड़प लेते है. कुछ ऐसा ही हुआ है दुबई में. दुबई में एक व्यक्ति ने ऐसी ही योजना बनाकर लोगों के पैसे डूबा दिए है. लेकिन हैरानी वाली बात ये है की दुबई कोर्ट ने इस व्यक्ति को पुरे ५०० साल की सजा सुनाई है. दुबई में इतना बड़ा घोटाला करने वाला यह व्यक्ति मूल भारतीय वंश से है. यह व्यक्ति गोवा से है और उसका नाम सिडनी लिमोस है. ३७ वर्षीय इस व्यक्ति ने २०० मिलियन डॉलर, अर्थात अरीब १३५० करोड़ रुपयों का धोका दिया है. इस व्यक्ति के साथ ही उसके अकाउंट स्पेशलिस्ट रियान डिसूजा को भी ५०० साल की जेल सुनवाई गयी है.

दुबई के एक कोर्ट ने रविवार को दो भारतीयों को कई करोड़ डॉलर के धोखाधड़ी के मामले में फैसला सुनाते हुए ५१७ साल की जेल की सजा सुनाई. स्पेशल बेंच के प्रिसाइडिंग जज डॉक्टर मोहम्मद हनाफी ने दोनों आरोपियों में से एक की पत्नी को भी ५१७ साल की जेल की सजा सुनाई है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार सिडनी लिमोस ने अपनी कंपनी के माध्यम से निवेशकों को न्यूनतम २५ हजार डॉलर के निवेश पर उन्हें १२० प्रतिशत तक का सालाना रिटर्न देने का झांसा दिया था. सिडनी लिमोस की कंपनी ने शुरूआत में लोगों को पैसे दिए लेकिन मार्च २०१६ के बाद से उन्हें रिटर्न देना बंद कर दिया. दुबई की आर्थिक विभाग को जब कंपनी के फर्जीवाड़े का पता चला तो उसने उसके दफ्तर पर ताला जड़ दिया था.

सूत्रों से मिली जानकारी से पता चल रहा है की इन आरोपियों के द्वारा चलाई जा रही विदेशी मुद्रा व्यापार की कंपनी ‘एक्सेंशियल’ में कई हजार लोगों ने निवेश किया था. लोगो ने कंपनी में बड़ी मात्र में पैसे निवेश किये थे. जिसके बाद में धोखाधड़ी के मामले सामने आए. कंपनी के मालिक आरोपी सिडनी लेमोंस और उसकी पत्नी वलाने और र्यान डिसूजा के खिलाफ ऐसे ही धोखाधड़ी के ५१५ मामले दर्ज थे. कोर्ट के अनुसार उन्हें हर एक मामले के लिए उन्हें एक-एक साल की सजा सुनायी गयी है. और दो अन्य मामलों में दो-दो साल की सजा सुनाई गई है. इस प्रकार आरोपियों को कुल ५१५ मामलों में ५१७ साल की जेल की सजा सुनाई गई है. इतने सालों की यह सजा सच में चौंका देने वाली ही है.

बताया जा रहा है कि पिछले साल इस घोटाले का खुलासा हुआ था जब लोगों को अपने निवेश के रिटर्न मिलना बंद हो गया. अभियोजन पक्ष ने इन आरोपियों के गोतले के मामले को ३१ अक्टूबर २०१७ को स्पेशल पैनल को सौंप दिया था. मामले की पहली सुनवाई २५ दिसंबर २०१७ को हुई थी. जिस पर फैसला रविवार को आया. आरोपी अब अपनी सजा पर उपरी कोर्ट में अपील कर सकते हैं. इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात के वकील ने पीड़ितों से कहा कि आरोपी अपने क्लाइंट्स के पैसे को वापस कर सकते हैं. गल्फ कानून के निदेशक अट्टी बार्नी अलमजार जो इन पीड़ितों की मदद करने के लिए फिलिपींस दूतावास के साथ काम कर रहे हैं वे सैकड़ों फिलिपींस नागरिकों के वकील हैं जिन्होंने एक्सेंशियल में निवेश किया था.

९० पीड़ितों के समूह ने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद मिला और जीवन भर का बचत का पैसा इसमें लगा दिया था. जबकि कइयों ने दूसरी जगह से कर्ज ले कर इस कंपनी में निवेश किया था. फिलिपिन्स दूतावास के अत्ति बर्नी अलमजार ने कहा है कि कोर्ट का ५०० साल के सजा का फैसला इस बात का संदेश देता है कि दुबई वित्तीय अपराधों को बिलकुल भी हल्के में नहीं लेता है. यह फैसला पीड़ितों को कुछ न्याय दिला सकता है. दुबई कोर्ट का यह फैसला विदेशी न्याय मामलों में स्वीकार्य है. कुछ पीड़ितों ने कोर्ट के इस फैसले के प्रति संतोष व्यक्त किया है. एक पीड़ित जिसने 50 हजार डॉलर का निवेश किया था ने कहा की कोर्ट का फैसला काफी सुखद है, कोर्ट द्वारा न्याय किया गया है.

एक्सेंशियल कंपनी को हमें भुगतान करना होगा. यह निर्णय कि वे अब दुबई छोड़कर नहीं जा सकते हैं ये हमारे लिए बहुत अच्छा है. पीड़ित ने कहा, हम अब अपने पैसे वापस चाहते हैं. कईयों ने उम्मीद खो दी है लेकिन हमें अभी भी अपने पैसे वापस मिलने की उम्मीद है. एक अन्य निवेशक ने कहा है की “यह हम सभी के लिए अच्छा है, लेकिन हमारी मुख्य चिंता हमारे पैसे वापस करना है. लेकिन हमें उम्मीद है कि अदालत हमें इसमें मदद कर सकता है” इसने व्यक्ति ने ६० हजार डॉलर का निवेश किया था. एक कर्मचारी जिसने एक्सेंशियल कंपनी के पांच खातों में १२५ हजार डॉलर का निवेश किया था, ने कहा कि कंपनी के मालिकों ने सिर्फ हमारे पैसे चोरी किए, बल्कि हमारे जीवन को भी बर्बाद कर दिया