Home देश नेपाली पीएम ने चीन को लेकर किया ये बयान

नेपाली पीएम ने चीन को लेकर किया ये बयान

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नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली अगले सप्ताह पांच दिन के चीन दौरे पर जाने वाले हैं. दोबारा नेपाल की सत्ता संभालने पर बतौर प्रधानमंत्री उनकी यह भारत के बाद दूसरी औचारिक विदेश यात्रा होगीबीजिंग के समर्थक माने जाने वाले ओली १९-२४ जून के बीच चीन दौरे पर होंगे.

इस दौरान वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली केकियांग से मुलाकात करेंगे.हैरानी की बात यह भी है कि इसी साल १५ फरवरी को पीएम पद संभालने के बाद ओली की यह दूसरी चीन यात्रा है. १७ मई को काठमांडू में चीनी दूतावास ने आधिकारिक तौर पर ओली को चीन आने का न्योता दिया.’काठमांडू पोस्ट’ के मुताबिक, पेइचिंग के अलावा चीन ने पीएम केपी ओली को सिचुआन और तिब्बत क्षेत्र आने का भी प्रस्ताव दिया है. नेपाल में चीन के उच्चायुक्त यू हॉन्ग इस यात्रा से पहले तिब्बत का दौरा भी करके आई हैं. उन्होंने बीते हफ्ते काठमांडू में विदेश मंत्री शंकर दास बैरागी से इस यात्रा के अजेंडा पर बातचीत के लिए मुलाकात भी की.विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने यहां बुधवार को बताया, “चीन और नेपाल बहुग्राही व समर्थक साझेदार रहे हैं और इनकी मैत्री कई पीढ़ियों से है। इनके संबंधों में लगातार तीव्र गति से विस्तार हुआ है.

गेंग ने कहा, “दोनों देश अहम हितों के मसले पर एक दूसरे का समर्थन करते रहे हैं. सभी मोर्चो पर हमारे परस्पर लाभकारी सहयोग में इजाफा हुआ है. नेपाल में राजनीतिक परिवर्तन के बाद ओली का पहला औपचारिक दौरा हो रहा है, इसलिए इस दौरान दोनों पक्षों के पास दोबारा विकासपरक द्विपक्षीय संबंधों की योजना तय करने के लिए महत्वपूर्ण अवसर होंगे.उन्होंने कहा, “चीन बेल्ट एंड रोड पहल के तहत नेपाल के साथ अपने राजनीतिक सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ रानीतिक, आर्थिक और भूकंप के बाद अवसंरचना निर्माण में सहयोग बढ़ाना चाहता है.”ओली के पहले कार्यकाल में २०१५ में काठमांडू के इसके परंपरागत सहयोगी नई दिल्ली के साथ संबंध नये संविधान बनाने को लेकर बिगड़ गए थे, जिसके चलते भारत के साथ इसकी सीमा की नाकेबंदी की स्थिति पैदा हो गई थी.अपने पिछले दौरे पर नेपाली पीएम के.पी. ओली ने ट्रांजिट और ट्रांसपोर्ट समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के लिए प्रोटोकॉल पर इस बार हस्ताक्षर किए जाने हैं.