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पहली बार इस अरब देश ने महिलाओं को दिया ये बड़ा तोहफा, सारी दुनिया हुई हैरान

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सऊदी अरब में महिलाओं के लिए नए दौर की शुरुवात हो गयी है.सऊदी अरब के प्रिंस सलमान ने महिलाओं के लिए अब नए नीतियों को लाया है.जिसके कारण कई सालों से लगी पाबंदियों से अब महिलाओं को छुटकारा मिलेगा.सऊदी में महिलाओं को नया अवसर मिला है जिसमें सऊदी की महिलाएं भी दिलचस्पी रखती है.

सऊदी ने २०३० का विज़न तय किया.जिसके तहत अब सऊदी अरब महिलाओं का हिस्सा २० प्रतिशत से ३० प्रतिशत तक बढ़ने की कोशिश में जुटा है.दुनिया में सऊदी अरब की महिलाओं की स्थिति पूरी तरह से हालात में है. उनके लिए कई सालों से पाबंदियां लगी हुई है.सऊदी अरब महिलाओं के लिए नरक के समान है. जैसे साल बीतते जा रहे है वैसे अब उनके लिए नए अवसरों का दौर शुरू किया है.अब सऊदी अरब में महिलाओं को ड्राइविंग करनी की भी अनुमति दी गयी है . अब इस २४ जून से महिलाओं को ड्राइव करने की लाइसेंस भी दी जाएगी.जिससे अब सड़क पर महिलाओं को ड्राइव करने को मिलेगा.आधिकारिक सऊदी प्रेस एजेंसी ने कहा की अब सऊदी के महिलाओं के पहले समूह को लाइसेंस दिया है.अब २४ से वोह ड्राइव कर सकेंगे.

सऊदी अरब अब तक का देश है की जहां महिलाओं को वाहन चलाने के लिए अनुमति नहीं थी.लेकिन अब २४ जून से यह प्रतिबन्ध उठाये जायेंगे.महिलाओं का ड्राइविंग का लाइसेंस मिलने के लिए लम्बे समय से अभियान चल रहा था. महिलाओं को नियम तोड़ने के लिए सजा भी दी गयी थी.महिलाओं का ड्राइविंग करने का अभियान सऊदी के क्राउन प्रिंस सलमान ने विज़न २०३० के तहत शुरू किया है.सऊदी के प्रेस एजेंसीयों को मुताबिक़ अब कुछ ट्राफिक नियमों के प्रावधान भी लागू किये जायेंगे.सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ने सितम्बर २०१७ में शाही फरमान जारी किया जिसमे महिलाओं को ड्राइविंग करने की इज्जाजत मिले.इस फैसले के कारण लम्बे समय से चली रही रूढ़िवादीता को बदल दिया.महिलाओं को सिखाने का ढांचा नहीं होने के कारण यह निर्णय तत्काल लागू नहीं किया.

पुलिस को महिलाओं के साथ बातचीत करने के लिए प्रशिक्षित करना भी जरुरी है.पहले कई सालों से सऊदी मौलवी महिलाओं के ड्राइविंग करने के लिए प्रतिबधों को लगाने के लिए कोशिश करते रहे. महानिदेशक मोहम्मद अल बसमी ने कहा है देश में महिलाओं को गाडी चलाने के लिए सभी आवश्यकताओं को पूरा कर लिया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी के इस नियम का स्वागत किया.व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी ऑफिस ने एक बयान जारी किया जिसमे कहा की सऊदी अरब ने महिलाओं के लिए सकारात्मक निर्णय लिया.उन्होंने कहा की ये फैसला महिलाओं को प्रोत्साहित करेगा और साथ ही उनके तरक्की के लिए मौक़ा रहेगा.सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी की इसके लिए अब एक कमिटी भी बनाई है.सऊदी अरब के महिलाओं को अभी तक वो अधिकार भी नहीं मिले जो दुनिया के कई महिलाओं को मिले है.

सऊदी अरब का ये निर्णय २०३० के विज़न का हिस्सा है.सऊदी अरब के ३२ वर्षीय क्राउन प्रिंस सलमान के इस फैसले के कारण सऊदी की अर्थव्यवस्था बढ़ने और साथ ही महिलाओं की काम करने की योग्यता बढ़ने में मदद होगी.साथ ही आदेश में शरिया कानून की बात ध्यान में रखने को कहा है..फ़्रांसीसी एजेंसी रिपोर्ट के मुताबिक सरकार से याचिका की थी की महिलाओं को भी पुरुषों की तरह अधिकार मिल जाए.यह भी मांग की थी की एक उम्र तय करनी चाहिए जब तक महिला परिपक्व और जिम्मेदार ठहराया जाए.वर्ष २०११ के वुमेन2ड्राइव के आन्दोलन का नेतृत्व करनेवाली कार्यकर्ता मनाल अल शरीफ ने कहा की आज महिलाओं को गाडी चलाने का अधिकार देनेवाला आखिरी देश है. सैंडर्स ने कहा की सऊदी अरब में महिलाओं के अधिकाओं और उनके अवसरों का प्रचार करने के लिए ये सकारात्मक कदम है.

विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने संवाददाता से कहा की अब हम खुश है की सुनकर अब सऊदी अरब की महिलायें गाडी चला सकती है.उन्होंने आगे जाकर कहा की यह उस देश के लिए उठाया गया सकारात्मक कदम है.एमनेस्टी इंटरनेशनल्स ने भी इस फैसले का स्वागत किया.उत्तर अफ्रीका के लिए एमनेस्टी इंटरनेशनल्स रिसर्च एंड एडवोकेसी निदेशक फिलिप लूथर ने कहा की महिलाओं को बहादुरी का सबूत है जो कई वर्षों से अभियान चला रही थी .३९ वर्षीय अब्दुल अजीज ने महिलाओं को जिम की भी अनुमति दी है.सऊदी में महिलाओं की सेहत सुधरने के इए ये बड़ा कदम होगा.रिपोर्ट के मुताबिक़ सऊदी अरब में महिलाओं के मोटापे और मधुमेह का दर सबसे अधिक है.उन्होंने कहा की सऊदी में सबसे ज्यादा जिम सेंटर बनवायेंगे और उन्हें सस्ते से सस्ते दर में रखने की कोशिश करेंगे.

सऊदी अरब के स्टेडियम में अब तक पुरुष नजर आते थे लेकिन अब महिलायें भी नजर आने लगी है.सऊदी सरकार ने कहा की समानता और राष्ट्रिय गर्व बढ़ने की ओर ये कदम है.सऊदी अरब के विदेशों के उछायुक्त में अब तक सिर्फ पुरुष ही थे लेकिन अब महिलाओं को नियुक्त किया जाएगा.अब फातिमा बाशेन को सऊदी अरब के उच्चायुक्त का पद सौंपा गया.सऊदी अरब में महिलाओं को फतवा जारी करने का हक्क हासिल नहीं था.अरब न्यूज़ ने बताया है की शुरा कौंसिल ने एक ऐसा प्रस्ताव जारी किया जिससे महिलाओं को फतवा जारी करने का अधिकार मिलेगा.सलामा उमर अल-अजलानी ने कहा की कॉल सेंटर, कम्प्ले सेंटर में रोजगार देने पर गर्व है.उन्होंने कहा की बैंकों में भी कई सालों से फिमेल स्टाफ था लेकिन अब इन्शुरन्स कंपनियों में भी महिलाओं को जगह दी जा रही है.