Home देश पाकिस्तान के लिए जासूसी करती थी ये महिला, पुलिस ने किया गिरफ्तार

पाकिस्तान के लिए जासूसी करती थी ये महिला, पुलिस ने किया गिरफ्तार

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दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने पूर्व राजनयिक माधुरी गुप्ता को भारत की खुफिया जानकारियां देने का दोषी करार दिया है यह जानकारी मिली है. बता दें कि माधुरी गुप्ता को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संवेदनशील जानकारी साझा करने और राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता करने का दोषी पाया है.

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गोपनीय सूचना देने व देश की सुरक्षा से समझौता करने के मामले में दिल्ली की पटिलाया हाउस कोर्ट ने पूर्व डिप्लोमैट माधुरी गुप्ता दोषी करार दिया है. माधुरी की गिरफ्तारी के १० साल बाद यह फैसला आया है, जिसमें माधुरी को अधिकतम ३ साल की सजा हो सकती है. बता दे की माधुरी गुप्ता पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग में प्रेस एवं सूचना सचिव थी. दिल्ली पुलिस ने उन्हें २००८ में गिरफ्तार किया था. हाला कि माधुरी की सजा की अवधि पर अभी बहस होनी है. वह पहले ही २१ महीने की सजा काट चुकी हैं. अब १९ मई को दोनों पक्षों के वकील सजा कितनी होनी चाहिए इस पर बहस करेंगे. एडिशनल सेशन जज सिद्धार्थ शर्मा की बेंच ने माधुरी गुप्ता को जासूसी और गलत ढंग से सूचना पहुचाने के आरोपों के लिए आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा ३ और ५ के तहत दोषी ठहराया है.

बता दे की माधुरी गुप्ता जेएनयू की छात्रा रह चुकी है. वहां उसने २००० से २००५ तक मध्यकालीन भारतीय इतिहास की पढ़ाई की और उसी दौरान वह इस्लाम से बहुत ज्यादा प्रभावित हो गईं. उसे उस धर्म से बहुत लगाव हो गया. माधुरी की मां प्रिंसिपल और पिता शिक्षक थे. इससे पहले साल १९७० में उसने डीयू के एंथ्रोलॉजी विभाग से फॉरेंसिक साईंस, क्रिमोलॉजी और क्रिमिनल लॉ की पढ़ाई की थी. वर्ष १९७० में वह डीयू के एंथ्रोलॉजी विभाग से फोरेंसिक साईंस, क्रमोलॉजी व क्रिमिनल लॉ की पढ़ाई कर चुकी हैमाधुरी ने २००३ से २००५ तक स्टडी लीव ली और जेएनयू में इतिहास से एम. फिल कराने के लिए एंरोल कराया था. मध्यकालीन भारत में एम-फिल करने के दौरान ही उसे इस्लाम से इस कदर प्यार हो गया था कि वह इस्लाम धर्म की कई बातें मानने लगी थी. पाक स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनात होने के बाद वह उसकी पाक खुफिया विभाग के अधिकारी ६० वर्षीय राणा से हुई थी.

माधुरी इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास में द्वितीय सचिव (प्रेस और सूचना) के पद पर नियुक्त थीं, जब उन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारत की गुप्त जानकारियां देने के आरोप में २२ अप्रैल २०१० को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था. इसके तत्काल बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था.माधुरी गुप्ता पर पाकिस्तानी अधिकारियों को गुप्त सूचना मुहैया कराने और आईएसआई के दो अधिकारियों मुबशर राजा राणा और जमशेद के संपर्क में रहने का आरोप था. जनवरी २०१२ में दिल्ली की अदालत ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया था. सूत्रों की माने जुलाई, २०१० में माधुरी के खिलाफ दायर आरोपपत्र में कहा गया था कि माधुरी के जमशेद के साथ संबंध थे और माधुरी ने उससे शादी करने की योजना बनाई थी यह जानकारी मिली है.