Home देश पिछली सरकारों ने रेलवे का किया ये राजनीतिकरण, राहुल परेशान

पिछली सरकारों ने रेलवे का किया ये राजनीतिकरण, राहुल परेशान

SHARE

केन्द्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि पूर्व की सरकारें बुलेट ट्रेन लाने में अक्षम साबित हुईं और रेलवे का इस्तेमाल राजनीतिक कारणों के लिए किया गया. लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में गोयल ने कहा पिछली सरकारें अनेक परियोजनाओं की घोषणा नहीं कर पाई और सभी परियोजनओं पर कार्य के लिए बजट का अभाव बना रहा.

हम यह सुनिश्चित करते हैं कि जहां कहीं भी जमीन उपलब्ध है और कार्य महत्वपूर्ण है वहां उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है. अब तक रेलवे का इस्तेमाल राजनीतिक हित साधने के लिए होता रहा. इसीलिए देश में बुलेट ट्रेन तकनीक लाने में ५० साल की देरी हो गई. लोकसभा में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यह बात कही.

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुलेट ट्रेन, रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण, विद्युतीकरण और नए ट्रैक बिछाने की दिशा में हुई प्रगति पर सवाल पूछा था. गोयल ने कहा कि बुलेट ट्रेन की तकनीक ५० साल पहले देश में आ जानी चाहिए थी, जो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने पर संभव हुआ. कांग्रेस को खुश होना चाहिए कि जिस बुलेट ट्रेन परियोजना को वह नहीं ला सकी, उसे यह सरकार कर रही है.

उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए ०.१ फीसद ब्याज दर पर जापान ५० साल के लिए १.०८ लाख करोड़ रुपये का कर्ज दे रहा है. व्यवहार्यता रिपोर्ट में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना दिसंबर, २०२३ तक पूरा होने की बात कही गई है. जापान से हुए करार के तहत बुलेट ट्रेन की तकनीक भी भारत आएगी, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा.

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में रेल मंत्री रेलवे की सेहत की चिंता किए बिना अपने क्षेत्रों के लिए परियोजनाओं की घोषणा कर देते थे. कांग्रेस के शासन में घोषित कई परियोजनाएं हैं, जिन पर ४० साल बाद भी काम नहीं हुआ. वर्तमान सरकार ने कार्यो की प्राथमिकता तय की है. संप्रग सरकार ने २०१२-१३ में केवल ८०० किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण किया था, जबकि पिछले साल ४१०० किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण हुआ. सालभर में ४५०० किलोमीटर का नया ट्रैक भी बिछाया गया.