Home विदेश पेट्रोल-डीजल को लेकर खुद दुबई आया एक्शन में, उठाया ये बड़ा कदम

पेट्रोल-डीजल को लेकर खुद दुबई आया एक्शन में, उठाया ये बड़ा कदम

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साल ही साल तेल की मांग बढती ही जा रही है.इसलिए उत्पादक देशों में तेल की उत्पादन कीमतों में बढौती तो कभी कटौती नजर आ रही है.दुनिया को तेल का उत्पादन करनेवाले देशों में भी उनके ही घर में पेट्रोल और डीसेल की कीमतों में बदलाव नजर आ रहा है.अमीरात में कही बढौती तो कही कटौती सामने आई.

अमीरात में अब पेट्रोल और डीसेल के दाम बढ़ने वाले है.संयुक्त अरब अमीरात की फ्यूल प्राइस कमिटी ने सोमवार को की घोषणा के अनुसार बताया गया की मई के महीने में अमीरात में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की जायेगी. पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ -साथ कीमतों में 5 प्रतिशत वैट रखने की भी कमिटी द्वारा घोषणा की गयी है.खलीज टाइम्स के अनुसार सुपर 98 पेट्रोल की कीमत Dh2.49 रुपये प्रति लीटर है, जो अप्रैल में Dh2.33 प्रति लिटर से 6.86 % बढ़ा है तो वहीं सुपर 95 पेट्रोल की कीमत 6.75 % बढ़कर Dh2.37 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी. डीजल की कीमत भी पिछले महीने Dh2.43 प्रति लीटर से 2.56 रुपये प्रति लीटर तक संशोधित की गई है.इसके कारण पेट्रोल और दिसेल के दामों में अचानक बढौती हो गई.

खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी सिर्फ मई के महीने के लिए की जाएगी. लेकिन प्रशासन का कहना है की इसके बाद भी अगर इंधन की कीमतों में वृद्धि की जायेगी तो समय-समय पर इसकी खबर देगा.पिछले फरवरी के महीनो भी महिनो को भी पेट्रोल और डीसेल की कीमतों में बढौतरी हो गयी थी.अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार कहा है की संयुक्त अरब अमीरात में ईंधन की कीमतों में फरवरी 2018 तक बढ़ोतरी होनेवाली है.ये लगातार तीसरी बार बढौतरी रहेगी.नयी पेट्रोल की कीमतों में अनलेडेड पेट्रोल की कीमत Dh2.36 से 5.3% बढ़नेवाली है.,अगले महीने की कीमतों में 6.1 की बढ़ोतरी हो रही है और जबकि ९५ अनलेडेड पेट्रोल की कीमत अगले महीने से Dh2.25 होगी.९१ अनलेडेड कीमत कुछ Dh2.17 तक बढ़ जाएगी.जिसमे 5.85% की बढ़ोतरी हुई है और डीजल की कीमतों में Dh2.33 से Dh2.49 की बढ़ोतरी होनेवाली है.

मंत्रालय के अनुसार इस समय सभी कीमतों में 5% वैल्यू एडेड टैक्स भी रखा गया है.मंत्रालय ने अगस्त २०१५ को कीमतों में गिरावट घोषित की थी.लेकिन इस किये घोषणा के बाद सरकार ने इंधन की कीमतों में लगातार बढोती करना शुरू कर दिया.अगस्त 2015 में संयुक्त अरब अमीरात ने कीमतों को विनियमित करना शुरू कर दिया था. जब क्रमशः 98 अनलेडेड गैसोलीन और 95 अनलेडेड गैसोलीन का मूल्य Dh2.25 और Dh2.14 रुपये प्रति लीटर हो गया था. रिपोर्ट के अनुसार बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच का अनुमान है कि तेल की सूची में गिरावट हुई जिसके चलते 2018 में कच्चे तेल की कीमतें उच्च रही होगी.देश में पेट्रोल और डीसेल की कीमते अन्तराष्ट्रीय में कच्चे तेलों की दामों के अनुसार तय रहती है.वेनेजुएला में दुनिया का सबसे कम पेट्रोल की कीमत है और यहाँ की पेट्रोल की प्रति लीटर की कीमत ०.६४ है.

दुनिया में सबसे कम पेट्रोल की दामों में सऊदी अरब दुसरे स्थान पर है.यहाँ का प्रति लिटर का दाम १५.४९ रुपये है.तीसरे स्थान पर तुर्कमेनिस्तान आता है जहा प्रति लीटर का दाम 18.72 रुपये है.चौथे स्थान पर अल्जेरिया आता है जहा का प्रति लिटर का दाम है २०.६६ रुपये है.कुवैत में प्रति लिटर का दाम 21.95 रुपये है.छठे स्थान पर मिस्त्र देश का नाम आता है जहा प्रति लिटर का भाव 22.60 रुपये है.अमेरिका में ४४.४५ प्रति लिटर का भाव है तो चीन का ६२ रुपये है.कुवैत में मई के बाद तेल कंपनियों ने तेल की कीमते बढ़ा डी थी.कुवैत में करीब १०००० करोड़ बैरल होने के कारण दुनिया में सबसे कम दाम में पेट्रोल मिलता है.इसके कारण वहा एक लिटर का दाम १५.३० रुपये है.इसके बाद सस्ता तेल सऊदी अरब में मिलता है.

सोवियत संघ का हिस्सा रहा मध्य एशिया का यह देश इन्धानो के बारे में काफी समृद्ध है.इस देश में तेल और गैस उर्जा देश के उत्पादन का मुख्य साधन है.यहाँ का पेट्रोल का भाव भी प्रति लिटर करीब २० के आसपास रहता है.उत्तर अफ्रिका के अल्जीरिया देश में करीब यही भाव रहता है.खाड़ी देशों की तरह ओपेक का सदस्य कतार में भी पेट्रोल की कीमत सस्ती रहती है.क़तर देश का ३० फीसदी उत्पादन यहाँ के तेल उत्पादन पर निर्भर रहता है.जीवाश्म इंधन में भी ओमान भी दुसरे देशो की तरह समृद्ध है.कास्पियन सागर में करीब ३० अरबी डॉलर का भण्डार होने के कारण अन्य देश भी इसके साथ अछे सबंध बनाने की कोशिश में जुटे रहते है.तेल उत्पादक देशो में ओपेक देशो में सयुंक्त अरब अमीरात का भी नम्बर लगता है.

वेनेजुएला के तेल मंत्री का कहना है की उनके देश के पास करीब करीब 297 अरब बैरल का भण्डार है.तेल मंत्री रफील रामिरेज ने कहा की अंत तक उनके यहाँ २१७ अरब बैरल थे जो साल की शुरुवात तक की २९७ तक पहुंचे.ओपेक देशो में वेनेजुएला और लातिन अमेरिका दोनों प्रमुख देश है.इन देशों के उत्पादन में करीब २३ फीसदी बढौतरी हुई.पिछले साल पेट्रोलियम देश के निर्यातक देशों में ओपेक के सदस्य देश और साथ ही कुछ अन्य देशों को लेकर टिल की उत्पादन को घटाने पर समझौते किये गए.ओपेक सदस्यों का उत्पादन भी बढ़ रहा है साथ ही उन्होंने उत्पादन की कोई सीमा भी तय नहीं की.ओपेक देशो में हुई हाल की बैठक में कटौती के विषय पर की सारी खामियां दूर करने की कोशिश की जा रही है,