Home देश प्रायव्हेट स्कूलों के लिए जारी किया ये नया आदेश, नही चलेगी मनमानी

प्रायव्हेट स्कूलों के लिए जारी किया ये नया आदेश, नही चलेगी मनमानी

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देश में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए पहली बार एक गाइडलाइन तैयार की है. जिसमे स्कूल की फीज़ बढ़ाने के लिए किन फैक्टर्स का ध्यान रखा जाए यह तय किया गया है. बता दे की इस गाइडलाइन को एचआरडी मिनिस्ट्री को भेजा गया है. और इन्हें अक्टूबर तक लागू कराने की सिफारिश की गई है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ बता दे की देश में चाइल्ड राइट्स की शीर्ष इकाई नैशनल कमिशन फॉर प्रॉटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने यह रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क बनाया है. कमिशन मेंबर प्रियंक कानूनगो ने एनबीटी से बात करते हुए कहा कि इससे समानता आएगी और फीस के नाम पर बच्चों का शोषण खत्म होगा.

उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि राज्य सरकारें बच्चों के हित में इसे जल्द से जल्द लागू करवाएंगी. ड्राफ्ट में बताया गया है कि फीस तय करने की क्या प्रक्रिया होगी और क्या फैक्टर होंगे. इसमें कुछ कॉन्सटंट इंडिकेटर है और कुछ वेरिएबल इंडिकेटर. ड्राफ्ट बनाने वाली चाइल्ड राइट्स बॉडी ने इसे अक्टूबर तक लागू करवा लेने की सिफारिश की है. साथ ही उम्मीद जताई है कि बच्चों के हित में राज्य सरकारें इसे लागू करवाएंगी.

बता दे की स्थायी इंडिकेटर में वहां का सर्कल रेट, प्रति व्यक्ति व्यय, महंगाई दर, रेट ऑफ डेप्रिशिएशन होगा. अस्थिर इंडिकेटर में स्कूल की सुविधा, स्टाफ की योग्यता, उनकी सैलरी, एक्स्ट्रा करिकुलर ऐक्टिविटी, स्टाफ के लिए सुविधा जैसे फैक्टर शामिल होंगे. इन फैक्टर के हिसाब से स्कूल अपनी फीस तय करेंगे यह बताया जा रहा है.

अगर किसी स्कूल को लगता है कि किन्हीं वाजिब वजहों से उसे पहले रिव्यू करना है तो वह अथॉरिटी में अपील कर सकते है. ड्राफ्ट के मुताबिक अगर नियम लागू होने के बाद कोई स्कूल गलती करता है तो पहली गलती पर उस पर कुल राजस्व का एक पर्सेंट फाइन लगेगा. दूसरी गलती पर कुल राजस्व का ३% और तीसरी गलती पर कुल राजस्व का ५% फाइन लगेगा. चौथी गलती होने पर स्कूल को नो-ऐडमिशन कैटिगरी में डाल दिया जाएगा और वहां ऐडमिनिस्ट्रेटर बैठाया जाएगा.