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बाबरी मस्जिद को लेकर फिर एक बार इकबाल अंसारी ने दिया ये बड़ा बयान

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अयोध्या विवाद एक राजनीतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक-धार्मिक विवाद है जो नब्बे के दशक में सबसे ज्यादा उभार पर था. इस विवाद का मूल मुद्दा हिंदू देवता राम की जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद की स्थिति को लेकर है. ऐसे में इस मामले के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कुछ बाते कही है.

बता दे की विवाद इस बात को लेकर है कि क्या हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर वहां मस्जिद बनाया गया या मंदिर को मस्जिद के रूप में बदल दिया गया. ऐसे में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में जारी सुलह की कोशिश के बीच इस मामले के पक्षकार इकबाल अंसारी ने देश की तमाम राजनीतिक पार्टियों पर मंदिर-मस्जिद के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है. सूत्रों की माने इसके साथ ही इकबाल अंसारी ने एक बड़ा बयान देते हुए हिन्दू पक्ष से बाबरी मस्जिद छोड़ने की अपील की है. खबरों के अनुसार इकबाल अंसारी ने शनिवार को इस बारे में बयान देते हुए यह कहा है की अधिग्रहित परिसर में कई ऐसे बड़े मंदिर है जिनमें कई वर्षो से ताला बंद है. उन मंदिरों में ना तो पूजा-अर्चना होती है ना ही कोई पुजारी है.

इस मामले पर बात करते हुए आगे इकबाल अंसारी ने कहा की अगर हिंदू पक्ष बाबरी मस्जिद छोड़ दे तो कई मंदिर मुक्त हो जाएंगे, जो कि विवाद के चलते अधिग्रहित परिसर में काफी दिनों से बंद हैं. सूत्रों की मुताबिक़ बता दे पूरी अयोध्या राम की जन्मभूमि है और अयोध्या में कहीं भी राम मंदिर बनाया जा सकता है यह भी इकबाल अंसारी ने बताया. मस्जिद के बगल में कई बड़े और पुराने मंदिर हैं लेकिन उसमें कई वर्षों से ताला बंद है. उन पर कोई विवाद नहीं है, लेकिन फिर भी प्रशासन उनका ध्यान नहीं देता है इस पर भी इकबाल अंसारी ने नाराजगी जताई है. जानकारी के मुताबिक़ कुछ समय पहले भी इकबाल अंसारी ने कहा था की हिंदुस्तान के सबसे बड़े मसले को सुलह समझौते से मिल बैठकर कर लेना चाहिए.

सूत्रों की माने अंसारी ने कहा, ‘एक मस्जिद के लिए सारे राजनेता लग गए हैं. सब जानते हैं कि सन १९४९ में मूर्ति रखी गई और १९९२ में मस्जिद गिराई गई जिसे पूरी दुनिया ने देखा है.’ आगे अंसारी ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि बाबरी मस्जिद के साथ-साथ और सभी मंदिर आजाद हो जो कई वर्षों से बंद पड़े है उनमे पूजा पाठ हो.’ बता दे की कुछ दिन पहले बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद से जुड़े तमाम पक्षकार इस मामले को अदालत के बाहर सुलझाने की पेशकश कर चुके हैं और इसी दौरान इकबाल अंसारी का बयान आया है. इसके अलावा इस मामले को लेकर मुस्लिम पक्षकारों खासकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और शिया वक्फ बोर्ड के बीच आपसी असहमति की स्थितियां भी देखने को मिल चुकी हैं यह भी जानकारी मिली है.