Home देश बुजुर्गों के लिए खुशखबरी, PM मोदी ने लिया ये सबसे बड़ा फैसला

बुजुर्गों के लिए खुशखबरी, PM मोदी ने लिया ये सबसे बड़ा फैसला

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सत्ते पर आते ही भारत की विकास के हितों में बड़े अच्छे कदम उठाते हुए बड़े ही कठोर निर्णय लिए है. प्रधानमंत्री के विविध योजना के तहत भारतीय जनता उसका लाभ उठाती नजर आ रही है. ऐसे में मोदी जी ने और एक योजना जारी की है.

 

जानकारी के मुताबिक़ प्रधान मंत्री वय वंदन योजना (पीएमवीवीवाई) भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से ६० साल और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घोषित एक पेंशन योजना है जो ४ मई, २०१७ से ३१ मार्च, २०२० तक उपलब्ध है. इस योजना के तहत वरिष्ट नागरिक १५ लाख रूपये तक निवेश कर सकते है और यह वरिष्ट नागरिकों के लिए बहोत अच्छी खुशखबर है. इस वजह से उन्हें हर महीना १०,००० रुपयों तक पेंशन मिल सकती है. आपको बता दे की पहले इस योजना के तहत वरिष्ट नागरिक ७.५ लाख रूपये तक ही निवेश कर सकते थे लेकिन अब केंद्रीय कैबिनेट के मंजूरी के बाद यह रक्कम बढ़ा कर १५ लाख रूपये कर दी है. वरिष्ट नागरिकों के सुरक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है.

खबरों की माने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसकी पुष्टि करते हुए ये भी कहा है की उनके मुताबिक़ निवेश रक्कम ७.५ लाख रुपयों से बढ़ाकर १५ लाख करने से वरिष्ट नागरिकों को इसका काफी हद तक फायदा हो सकता है. उन्होंने इससे वरिष्ट नागरिकों का सामाजिक सुरक्षा का कवर बढ़ जाने की उम्मीद की है. आपको बता दे की प्रधान मंत्री वय वंदन योजना भारतीय बिमा निगम चला रही है और इसका उद्देश वय वर्ष ६० से उपर के लोगों को सामाजिक सुरक्षा देना है. सरकार ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा के लिए बढ़ाया है. आपको बता दे इससे पहले वरिष्ट पेंशन बिमा योजना २०१४ में प्रभावी था जिसमे ३.११ लाख वरिष्ट नागरिक शामिल थे. इस योजना के तहत १० साल तक ८% सुनिश्चित रिटर्न रूप में पेंशन मिलती है.

सूत्रों के मुताबिक मार्च २०१८ तक कुल २.२३ लाख वरिष्ट नागरिकों ने इस योजना का लाभ उठाया है ऐसा सरकार ने बताया है. वरिष्ट नागरिक मासिक, तिमाही, छमाही या फिर वार्षिक आधार पर पेंशन लेते है. अगर रिटर्न ८% से कम आता है तो उसकी भरपाई सरकार कर देती है. इस योजना को ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन भी किया जा सकता है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस योजना की शुरुवात २०१७ में की थी और सरकार ने इस योजना को जी एस टी से छूट दी है. योजना के ३ वर्ष पूरा करने के बाद खरीद मूल्य के ७५% तक ऋण की अनुमति होगी पेंशन किस्तों से ऋण ब्याज वसूल किया जाएगा और १० साल की पॉलिसी अवधि के दौरान पेंशनभोगी की मृत्यु पर, लाभार्थी को खरीद मूल्य का भुगतान किया जाएगा.