Home देश भाजपा टिकटों का करेगा ये ऐलान, कांग्रेस की लिस्ट भी मुश्किल

भाजपा टिकटों का करेगा ये ऐलान, कांग्रेस की लिस्ट भी मुश्किल

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रायपुर विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की घोषणा आचार संहिता लगने के बाद जारी होगी यह बताया जा रहा है. दिसंबर मेंं होने वाले चुनावों के लिए आचार संहिता ५ अक्टूबर के बाद लगने के संकेत है. बता दे की १५ अगस्त तक प्रत्याशी चयन की राहुल गांधी की घोषणा के बाद भी पीसीसी की प्रक्रिया अभी तक शुरु नहीं हो पाई है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ बता दे की रायपुर दौरे के समय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सार्वजनिक मंच से ऐलान किया था कि १५ अगस्त तक कांग्रेस पार्टी अपने ९० फीसदी प्रत्याशियो के नाम घोषित कर देगी. इसके लिए पीसीसी ने कुछ गर्मजोशी भी दिखाई थी लेकिन लगता है कि जिस गति से पार्टी के नेता प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को लेकर नरमी बरत रहे है उससे ऐसा लगता है कि नामों की लिस्ट आचार संहिता लगने के पहले शायद ही जारी हो पाएगी.

खबरों के अनुसार भाजपा में विधानसभा की टिकटों को लेकर संभावित उम्मीदवारों के दिलों की धड़कने बढ़ रही है क्योंकि तीन-चार महीने पहले ही प्रत्याशी तय कर देने की घोषणा की गई थी. हाला कि प्रदेश के ताजा राजनीतिक हालात और भाजपा में चल रही तैयारियों पर नजर डालें तो लगता है कि आचार सितंबर अंत या अक्टूबर के पहले हफ्ते तक ही टिकटें बंटेंगी. वर्तमान में जो उम्मीदवारों के लिए सर्वे चल रहे है उसकी रिपोर्ट का भी इंतजार है.

बता दे की पीसीसी नेताआें का कहना है कि १५ अगस्त तक ९० फीसदी प्रत्याशियों का चयन कर लिया जाएगा लेकिन घोषणा नहीं होगी. पीसीसी के नेताआें का कहना है कि पार्टी प्रत्याशियों से आवेदन मंगाने के लिए प्रोफार्मा तैयार कर रही थी. लेकिन आवेदन मंगाने से हंगामा होने के आसार को देखते हुए बायोडाटा मंगाने पर विचार किया जा रहा है.

तो वही भाजपा में जल्द टिकट बांटने को लेकर में कोई सुगबुगाहट नहीं है. पार्टी ने काफी निचले स्तर पर समयदानी कार्यकर्ताओं से सर्वे कराया कि कौन संभावित प्रत्याशी हो सकता है, किस विधायक या मंत्री ने क्षेत्र में कैसा काम किया और जनता उसके बारे में क्या राय रखती है. विधानसभा चुनाव में पार्टी इस बार टिकटों के बंटवारे में क्या प्रक्रिया अपनाएगी इसे लेकर स्थानीय स्तर पर कुछ भी तय नहीं किया गया है. पार्टी संगठन का ऐसा अंदाज है कि केंद्रीय आलाकमान अपने तरीके से ही सबकुछ तय करेगा यह बताया जा रहा है.