Home देश भारतीय वायुसेना चीन पर करेंगी ये खुफिया मिशन, चीन को लगा झटका

भारतीय वायुसेना चीन पर करेंगी ये खुफिया मिशन, चीन को लगा झटका

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बता दे की भारतीय वायु सेना हिमाचल से सटी चीन सीमा पर युद्धाभ्यास कर रही है, पाकिस्तान से लगने वाली पश्चिमी सीमा पर दमखम दिखाने के बाद भारतीय वायुसेना अब लेह लद्दाख से लेकर हिमाचल और अरुणाचल प्रदेश तक की चीन सीमा पर युद्धाभ्यास कर रही है यह जानकारी मिली है.

सूत्रों की माने चीन के बार-बार घुसपैठ के बीच अरुणाचल प्रदेश के हिस्से में भारतीय वायुसेना अपनी ताकत बढ़ा रही है जिस वजह से किसी भी युद्ध की परिस्थिति में भारत दोनों छोड़ यानी की पाकिस्तान और चीन सीमा पर संभावित खतरे से निपटने में सक्षम होगा ऐसा सुनने में आया है. बता दे की पाकिस्तान से लगे पश्चिमी सीमा पर भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े एयर कॉम्बेट ऑपरेशन के बाद भारत ने उत्तर पूर्व में भी अपने फाइटर जेट को भेजना शुरू किया है. वायुसेना का यह अभ्यास ‘गगन शक्ति २०१८’ के नाम से किया जा रहा है जो १० अप्रैल से शुरू हुई थी और २३ अप्रैल तक चलने वाली है. पाकिस्तानी सीमा पर भारतीय वायुसेना ने अब तक करीब ५००० उड़ानें भर चुकी है. रक्षा सूत्रों ने बताया कि राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास एयरफोर्स स्टेशन पर यह कॉम्बेट ऑपरेशन किया जा रहा है. गगन शक्ति अभ्यास में ३०० अधिकारियों के साथ १५००० एयर वारियर्स हिस्सा ले रहे है. इसमें आर्मी और नौसेना भी भाग ले रही है.

भारतीय वायुसेना का यह सबसे बड़ा अभ्यास है, जिसमें पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर युद्ध की स्थिति से निपटने के लिए ११०० से ज्यादा लड़ाकू, परिवहन और रोटरी विंग (हेलिकॉप्टर) एयरक्राफ्ट शामिल किया गया है. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने कहा, ‘भारतीय वायुसेना ने अभूतपूर्व सेवाक्षमता के स्तर को हासिल कर लिया है और इसके ८० फीसदी फाइटर एयरक्राफ्ट अभ्यास में शामिल है.’ वायुसेना ने एक बयान में कहा, ‘इस अभ्यास का मकसद एक खास समय और युद्ध जैसे हालातों में एक साथ वायुसेना की कार्रवाई और उसको तैनात किए जाने की कोशिश है.’ भारत को दोनों सीमा पर निपटने के लिए कम से कम ४२ फाइटर स्क्वाड्रोन्स की जरूरत है, लेकिन वायुसेना के पास अभी ३१ है जिससे अभ्यास कर वह खुद को मजबूत कर रही है. बता दे कि पहली बार सीमा पर लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट तेजस भी अभ्यास में हिस्सा ले रहा है और साथ ही नेवी का मेरीटाइम कॉम्बेट एयरक्राफ्ट मिग-२९ भी भाग ले रहा है.