Home देश मणिशंकर, बरखा जैसे सेकुलरों पर खुद इजराइल ने लिया ये ताबडतोब एक्शन

मणिशंकर, बरखा जैसे सेकुलरों पर खुद इजराइल ने लिया ये ताबडतोब एक्शन

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प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुले पत्र में, एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल जिसे 11-12 अप्रैल को फिलिस्तीन में रामल्लाह में आमंत्रित किया गया था, ने इज़राइल द्वारा अपमानित होने और फिलिस्तीन में प्रवेश करने से इंकार कर दिया है.उनका कहना है की इसराइल ने कथरपंथियो को वीसा देने से माना कर दिया है.

इन कथरपंथियो ने इसराइल के दूतावास में वीसा के लिए अर्जी दी थी.परंतु इस अर्जी को इसराइल ने ख़ारिज किया है.उन्होंने दावा किया कि केंद्र की इजरायल नीति ने पश्चिम एशियाई राष्ट्र के ‘अहंकार और उच्च-हाथ’ में वृद्धि की है.ये तमाम कथरपंथि भारत के सेक्युलर पार्टी से जुड़े हुए है.एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य जिन्हें कथित तौर पर इजरायली अधिकारियों द्वारा फिलिस्तीनी क्षेत्रों में नहीं जाने दिया गया था, ने दावा किया कि “इजरायल की सरकार की अपील ने फिलिस्तीनी राष्ट्रीय क्षेत्र में जाने के लिए वैध पासपोर्ट और वैध वीजा रखने वाले भारतीय नागरिकों से निपटने में इजरायल के अहंकार, उच्च हाथ और निराशा को बढ़ाया है.इन कथरपंथि में मनी शंकर जैसे फर्जी हिन्दू नाम वाले शामिल है.कहा जाता है की मनी शंकर ने तो इसराइल को भारत का दुश्मन भी घोषित कर दिया है.

इन तेरा कथरपंथियो में स्वामी अग्निवेश,मोहम्मद सलीम, एमपी,मणिशंकर अय्यर,हरचरण सिंह जोश,जॉन दयाल,मीर अकबर अली खान,हरचरण सिंह जोश,नियाज फारूक,नवेद हामिद,ज़िक्रुर रहमान,अबूबकर अहमद,मोहम्मद अमीन शामिल है.इसराइल ने इन् सभी का वीसा ख़ारिज कर दिया है.इन कथरपंथियो को इसराइल में घुसाने नहीं दिया जायेगा.आप को बता दे की ये कथरपंथियो भारत में भी फिलेस्तिन का एजेंडा चलाते है.और यही ही नहीं वो भारत के विरोद का भी एजेंडा चलाते है.इसराइल ने इन सभी का वीसा रद्द करके इनके मुह पर एक तमाचे जैसा करारा जवाब दिया है.इसाइल को भी पता है की कई ऐसे लोग है जो भारतीय है ही नहीं.१३ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को रामलाह में जेरूसलम पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए निर्धारित किया गया था, अल जज़ीरा ने १२ अप्रैल को रिपोर्ट की थी.इज़राइल ने श्रीलंका, एक बोस्नियाई मुस्लिम विद्वान, ऑस्ट्रेलिया की इस्लामी परिषद के प्रमुख और एक घनियन सांसद से मुफ्ती की प्रविष्टि को भी रोक दिया था.