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मध्यप्रदेश में २०१९ के चुनाव को लेकर सिंधिया ने किया ये बडा बयान,कांग्रेस की बढ़ गयी मुश्किले

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वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में गठजोड़ के लिए उनकी पार्टी के ‘दरवाजे खुले’ हैं और समान विचारों वाले दलों के साथ आने में सीटों का बंटवारा ‘गतिरोध’ नहीं बनेगा. उनका यह बयान राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस-बसपा के बीच हो रही बातचीत के समय आया है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस की कैंपेन कमिटी के अध्यक्ष और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ कांग्रेस खुले मन से गठबंधन के लिए तैयार है. सिंधिया ने कहा कि केवल विधानसभा चुनाव ही नहीं, बल्कि २०१९ के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी गठबंधन के लिए राजी है. उन्होंने कहा कि गठबंधन में जहां भी जरूरी होगा सहयोगी क्षेत्रीय पार्टी को अगुआई का मौका दिया जाएगा.मध्य प्रदेश में गठबंधन की चर्चा कहां तक पहुंची है, इस सवाल के जवाब में सिंधिया ने कहा, ‘यह अब भी शुरुआती दौर में है लेकिन अगर हम मूलभूत बातों धर्मनिरपेक्षता, उदार शासन और बाकी मुद्दों जैसे कि सीट शेयरिंग पर सहमत हो जाते हैं, तो गठबंधन होना तय है. हालांकि सीटों का बंटवारा इसमें कोई बाधा नहीं बनेगा.मध्य प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की प्रचार समिति के प्रभारी सिंधिया ने इस बात पर भी जोर दिया कि लंबे समय बाद राज्य में शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ सभी दलों के नेता ‘एकजुट होकर’ काम कर रहे हैं.

इस दौरान सिंधिया से जब पूछा गया कि क्या प्रदेश में गठबंधन की कोशिश २०१९ को ध्यान में रखकर की जा रही है. क्या जरूरत पड़ने पर कांग्रेस कर्नाटक मॉडल को दोहराएगी और क्षेत्रीय पार्टी का जूनियर पार्टनर बनना पसंद करेगी. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हर पार्टी को गठबंधन में उचित जगह मिलनी चाहिए. अगर किसी राज्य में कोई क्षेत्रीय पार्टी मजबूत स्थिति में है, तो उसे उसका हक मिलेगा. यही बात कांग्रेस के लिए लागू होती है. ज्यादा अहम ये है कि एक प्रोग्रेसिव और धर्मनिरपेक्ष सरकार के अंतिम लक्ष्य पर सहमति बने, जिससे सभी नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा हो सके.इस बीच मध्य प्रदेश में गठबंधन को लेकर चल रही चर्चा को लेकर सिंधिया ने कहा कि अभी ये शुरुआती दौर में है, लेकिन अगर हम मूलभूत बातों धर्मनिरपेक्षता और सीट शेयरिंग जैसे मुद्दों पर सहमत हो जाते हैं, तो गठबंधन होना तय है.