Home देश महाराष्ट्र में BJP-शिवसेना का रिश्ता हो सकता है, हमेशा के लिए ख़त्म

महाराष्ट्र में BJP-शिवसेना का रिश्ता हो सकता है, हमेशा के लिए ख़त्म

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महाराष्ट्र में पालघर उपचुनाव को लेकर बीजेपी और शिवसेना दोनों पार्टियों ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी है. ऐसे में पीएम मोदी के बाद बीजेपी के सबसे बड़े स्टार प्रचारक बन चुके यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अब महाराष्ट्र में भी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते नजर आ रहे है.

आपको बता दें कि मजेदार बात ये है कि यहां बीजेपी की सहयोगी शिवसेना भी ताल ठोक रही है. शिवसेना ने दिवंगत बीजेपी सांसद चिंतामन वांगा के बेटे श्रीनिवास वांगा को टिकट दिया है. वहीं बीजेपी ने पूर्व कांग्रेस विधायक राजेन्द्र गवित को अपना उम्मीदवार बनाया है. ऐसे में इस सीट पर होने वाले उपचुनाव का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. ये सीट बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है. जहां उसका सीधा मुक़ाबला सहयोगी पार्टी शिवसेना से है. महाराष्ट्र में साथ मिल कर सरकार बनाने के बाद दोनों पार्टियां पहली बार आमने-सामने हैं. बता दे की बीजेपी के सांसद चिंतामन वांगा की मौत के बाद पालघर सीट पर २८ मई को चुनाव हो रहा है. चुनाव प्रचार के दौरान भी दोनों दल के नेता एक दूसरे में प्रहार करने में भी कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं.

सूत्रों की माने दोनों दलों के रिश्तों में आई तल्खी के बीच हो रहे इस उपचुनाव से सूबे में नए सियासी समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं. जानकारी के मुताबिक़ बता दे की बुधवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार करने महाराष्ट्र पहुंचे है. बताया जा रहा है की योगी ने शिवसेना पर अपने संबोधन के दौरान बड़ा तीखा हमला बोला. खबरों के मुताबिक़ योगी आदित्यनाथ ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर बीजेपी की पीठ में खंजर घोंपने का आरोप लगाते हुए शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे का जिक्र भी किया है. योगी ने कहा कि शिवसेना के कर्म मराठा योद्धा महाराजा छत्रपति शिवाजी महाराज से बिल्कुल अलग है. आगे उन्होंने कहा कि बाला साहब ने हमेशा आगे बढ़कर अगुवाई की न कि धोखा दिया.

पालघर में शिवसेना ने अपना उम्मीदवार खड़ा करने के बारे में बात करते हुए योगी ने यह कहा की जिस तरीके से इस पार्टी ने अपना उम्मीदवार खड़ा कर बीजेपी की पीठ में खंजर घोंपा है, उससे मैं कह सकता हूं कि दिवंगत बाल ठाकरे की आत्मा को गहरा दुख पहुंचा होगा. आज की शिवसेना बाल ठाकरे वाली शिवसेना नहीं है ऐसा भी योगी ने कहा है. इस दौरान योगी ने शिवसेना की तुलना अफजल खान से भी की. हाला कि उन्होंने इतना जरूर कहा कि ये उपचुनाव सरकार की स्थिरता पर असर नहीं डालेगा. बता दे की उधर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी पीएम मोदी हमला करने में कोई कोताही नहीं बरती. बीजेपी-शिवसेना नेताओं के बीच जारी इस तू तू में में से यह बात साफ़ नजर आती है की आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में नए सियासी समीकरण की और दोनों पक्ष संकेत कर रहे है.