Home देश मायावती के फैसलों से भाजपा में ख़ुशी

मायावती के फैसलों से भाजपा में ख़ुशी

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मायावती ने चुनाव से  ऐसा बयान दिया है जिससे पार्टी में हड़कंप मचा है.मायावती ने कुछ महीने पहले ही एक बड़े नेता को पार्टी से बाहर निकाला था.इस नेता का बाहर निकलने का कारण राहुल गांधी के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल किया ऐसा था.ऐसा कारन मीडिआ को बताया गया है।

इसके बाद मायावती का कुछ ऐसा फैसला सुनाना एक अहम बात है.मायावती चुनाव से पहले पार्टी के फिर एक बड़ा फैसला लिया है.उन्होंने मध्यप्रदेश के प्रभारी और समन्वयक भूपेंद्र मौर्या को निष्काषित कर दिया है.दो महीनों में ही मायावती ने पार्टी के दो अहम नेताओं को निष्काषित किया है.इसलिए सभी का  इसपर है की मायावती की इस निर्णयों के पीछे क्या रणनीति है.इसका लोकसभा चुनाव के लिए क्या मतलब हो सकता है?

अब मध्यप्रदेश में चुनाव का डंका बजने वाला है और इसलिए चुनाव से पहले उत्तरप्रदेश में भी कई पार्टीयोन के बिच हलचल नजर आ रही है.हलचल कैसी भी हो क्योंकि सभी का निशाना बीजेपी पर है.हर पार्टी बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए पूरी कोशिश में जुटी हुई है.हर पार्टी बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहती है.

बसपा के एक कार्यकर्ता का कहना है की पार्टी में शासन का पालन करनेवालों को नहीं रखा जाएगा।बसपा के सुप्रीम आदेशों पर भूपेंद्र मौर्या को निकला गया है.क्योंकि पार्टी में अनुशासन ही सर्वोपरि है.आपको बताए दे की उत्तरप्रदेश में सुप्रीमो मायावती ने बड़ा फैसला करते हुए प्रदेशाध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार राजराम और महेश के खिलाफ धारा ३५४ और ५०४ के तहत प्रकरण दर्ज कराया था.तीन दिन पहले ही पार्टी के एक महिला के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था.

इसके बाद मायावती ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्काषित कर दिया गया था.दरसल बात ये है की भाजपा के खिलाफ जो नेता ज्यादा गतिविधियां कर रहे थे उन्हें पार्टी से बेदखल कर दिया गया.इसके कारन भाजपा में ख़ुशी की लहर दौड़ी है.अब मायावती के इन फैसलों के बाद क्या  हाल होगा ये तो वक्त ही बताएगा।