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माल्या ने भारत आने की इच्छा जताई, हैरान करनेवाली ये वजह आयी सामने

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भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या भारत आने को तैयार है. उस पर १७ बैंकों का ९ हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का लोन बकाया है. माल्या अभी लंदन में रह रहा है. विजय माल्या कानून का सामना करने को तैयार है. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि माल्या ने भारतीय अधिकारियों को कुछ इसी तरह का संकेत दिया है.

ऐसा मान जा रहा है कि नौ हजार करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले के मुख्य आरोपी विजय माल्या ने भारतीय अधिकारियों से स्वदेश लौटने और कानून का सामना करने की इच्छा जताई है. आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि शराब कारोबारी ने भारतीय अधिकारियों से इच्छा जताई कि वह भारत में जारी कानूनी प्रक्रिया में शामिल होना चाहता है और खुद के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश के तहत हुई हालिया कार्रवाई का सामना करना चाहता है.

माल्या के खिलाफ लंदन की अदालत में भारत सरकार की ओर से प्रत्यर्पण का मामला चल रहा है. समझा जाता है कि माल्या ने भारतीय अधिकारियों को संकेत दिया है कि वह भारत आने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने को तैयार है. साथ ही माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश के तहत उसके खिलाफ की गई कार्रवाई को चुनौती देने का भी संकेत दिया है.

देश से भागे भगोड़े अपराधियों की सम्पत्ति जब्त करने के संबंध में हाल में जारी अध्यादेश के तहत सरकार माल्या की देश और विदेश में सभी संपत्तियां जब्त कर सकती है. जांच एजेंसियों के शीर्ष सूत्रों ने कहा कि माल्या के इस कदम के अंतिम तौर तरीके अभी स्पष्ट नहीं हैं. उन्होंने इस बारे में और ब्योरा देने से इनकार किया. मुंबई में एक विशेष मनी लांड्रिंग रोधक कानून अदालत ने पिछले महीने समन जारी कर माल्या को उसके समक्ष २७ अगस्त को पेश होने को कहा है.

प्रवर्तन निदेशालय ने ९००० करोड़ रुपए के बैंक धोखाधडी मामले में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश के तहत माल्या के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत ने माल्या को समन किया था. केंद्रीय जांच एजेंसी ने इसके अलावा माल्या की करीब १२५००० करोड़ रुपए की संपत्तियों को तत्काल कुर्क करने की भी अपील की है. इससे पहले विजय माल्या ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली को लिखा पत्र भी उजागर किया था। इसमें उसने बैंकों का पैसा लौटाने की इच्छा जताई थी.