Home देश मोदी का भागीदार होने का राहुल को जवाब

मोदी का भागीदार होने का राहुल को जवाब

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ‘भागीदार‘ वाली हाल की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि वह इस इल्जाम को ‘इनाम‘ मानते हैं. इसी के साथ प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें देश के गरीबों के दुख का भागीदार होने पर गर्व है. दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष ने पिछले दिनों संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री पर भागीदार होने का आरोप लगाया था.

प्रधानमंत्री ने यहां स्मार्ट सिटी, अमृत तथा प्रधानमंत्री आवास योजनाओं की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा पिछले दिनों संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लगाये गये ‘भागीदार’ सम्बन्धी आरोप का जवाब देते हुए कहा, ‘‘इन दिनों मुझ पर एक इल्जाम लगाया गया है कि मैं चौकीदार नहीं, भागीदार हूं.. लेकिन देशवासियों मैं इस इल्जाम को इनाम मानता हूं.’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे गर्व है कि मैं भागीदार हूं. मैं देश के गरीबों के दुखों का भागीदार हूं. मेहनतकश मजदूरों के दुखों और हर दुखियारी मां की तकलीफों का भागीदार हूं.

मैं उस हर मां के दर्द का भागीदार हूं जो लकड़ियां बीनकर घर का चूल्हा जलाती है. मैं उस किसान के दर्द का भागीदार हूं जिसकी फसल सूखे या पानी में बर्बाद हो जाती है. मैं भागीदार हूं, उन जवानों के जुनून का, जो हड्डी गलाने वाली सर्दी और झुलसाने वाली गर्मी में देश की रक्षा करते हैं.’मोदी ने कहा कि वह गरीबों के सिर पर छत दिलाने, बच्चों को शिक्षा दिलाने, युवाओं को रोजगार दिलाने, हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई यात्रा कराने की हर कोशिश के भागीदार हैं. उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि गरीबी की मार ने मुझे जीना सिखाया है.

गरीबी का दर्द मैंने करीब से देखा है, मगर जिसके पांव फटे ना बिवाई, वह क्या जाने पीर पराई. उन्होंने कहा कि आज कोई बिल भरने या किसी योजना के लिए आवेदन करने की ऑनलाइन व्यवस्था है. इनसे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार में बहुत कमी आ रही है. इससे देश के करोड़ों लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया जा रहा है. यह सेवाएं सभी के लिए हैं. इनमें ऊंच-नीच, पंथ, सम्प्रदाय, छोटे-बड़े का कोई भेद नहीं है.सिर्फ और सिर्फ विकास ही मंत्र है.

‘सबका साथ, सबका विकास’ और टीम इंडिया की भावना एक न्यू इंडिया के संकल्प को सिद्ध करने वाली है. मोदी ने कहा कि देश में एक ईमानदारी का माहौल बना है. अब पहले से ज्यादा लोग कर (टैक्स) देने के लिए आगे आए हैं. चूंकि उन्हें मालूम है कि उनके कर की पाई-पाई विकास योजनाओं पर खर्च होगी, बंगलों पर नहीं, तो वह टैक्स देने को तैयार हैं. कार्यक्रम को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संबोधित किया.