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मोदी सरकार के अच्छे दिन के सबूत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को चार साल पुरे होने वाले हैं. इन चार सालों में मोदी सरकार कई मुद्दों पर विपक्ष के निशाने पर रही है, लेकिन सरकार ने कई ऐसे कार्य भी किए हैं, जो कि आम जनता के हित में है. मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर आज हम आपको बता रहे हैं सरकार की ओर से किए गए वो काम जो काबिल-ए-तारीफ है. आइए जानते हैं मोदी सरकार द्वारा किये गए इन कामों के बारे में.

भ्रष्टाचार मुक्त सरकार – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की खास बात ये है कि सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार से दूर रहे हैं. जिस तरह पिछली सरकार २-जी स्कैम, कोयला स्कैम, कॉमनवेल्थ स्कैम, चॉपर स्कैम, आदर्श स्कैम के आरोपों में घिरी रही, उससे उलट मोदी सरकार में भ्रष्टाचार के मामले कम आए. हालांकि राज्य सरकारों पर घोटालों के आरोप लगे. जन-धन योजना- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल २०१४ में जन-धन योजना की घोषणा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की थी.

इस योजना का मकसद देश के हर नागरिक को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना है और इन योजना के तहत ३१.३१ करोड़ लोगों को फायदा भी मिला है. बताया जाता है कि आर्थिक जगत के क्षेत्र में ये दुनिया की सबसे बड़ी योजना है. दूसरा है जीएसटी- जीएसटी का मतलब है एक राष्ट्र, एक टैक्स. इस नए टैक्स सिस्टम में सभी वस्तुओं के अलग अलग टैक्स नहीं देना होगा और पूरे देश में एक ही टैक्स व्यवस्था लागू की गई है. यह साल १९९१  के बाद से अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के बाद ये वित्तीय क्षेत्र में सुधार को लेकर सबसे बड़ा कदम है, जिसे लागू करने के लिए पिछली सरकार प्रयासरत थी.

मोदी सरकार ने १ जुलाई, २०१७ को सामान और सेवा (जीएसटी) संसद के सेंट्रल हॉल में आधी रात को संसद के विशेष सत्र में शुरू किया. उज्जवला योजना- यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है, जिनके पास गैस कनेक्शन नहीं था और उन्हें खाना बनाने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. इस योजना के माध्यम से उन परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाया गया और ग्रामीण महिलाओं को सशक्त भी किया गया.

इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बीपीएल राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में सेलेंडर दिया जाता है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार ३ करोड़ परिवार इसके लाभार्थी हैं. डिजिटाइजेशन की तरह अहम कदम- मोदी सरकार ने पिछले चार सालों में डिजिटाइजेशन पर काफी जोर दिया है. अब बैंकिंग क्षेत्र से लेकर अन्य सरकारी कार्यों में डिजिटाइजेशन को बढ़ावा मिला है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है.

इसमें मोदी सरकार की डिजिटल भुगतान को आसान बनाने बनाने वाली भीम एप भी शामिल है. इस एप के तहत पैसे सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए जा सकते हैं. मुद्रा योजना- प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) एक गैर-कार्पोरेट, गैर-कृषि लघु-लघु उद्यमों को १० लाख तक की ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजना है. ये लोन पीएमएमवाई के तहत वर्गीकृत किए गए हैं, ये ऋण वाणिज्यिक बैंक, आरआरबी, लघु वित्त बैंक, सहकारी बैंक, एमएफआई और एनबीएफसी द्वारा दिए गए हैं.

उम्मीदवार इन संस्थानों से लोन ले सकते हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार २३ मार्च २०१८ तक कुल २,२८,१४४.७२ करोड़ रुपए के कुल ४,५३,५१,५०९ कर्ज आवंटित किए गए हैं. योजना के तहत कुल २,२०,५९६.०५ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इस योजना को ८ अप्रैल २०१५  को लॉन्च किया गया था. उड़ान- यह मोदी सरकार की अहम योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य आम आदमी को हवाई सेवा उपलब्ध कराना है. इसकी शुरुआत २०१६ में की गई और करीब १२८ रूट पर सस्ती दरों पर फ्लाइट उपलब्ध करवाई जा रही है.

स्वच्छ भारत अभियान- इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के पहले साल से ही की थी और उसे कामयाबी भी मिली. इस योजना के तहत पूरे देश में सफाई के लिए विशेष कार्य किए गए हैं, जिसमें शौचालय निर्माण से लेकर कचरा निस्तारण भी शामिल है. पहल योजना- डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर्स के रूप में सब्सिडी सीधे बैंक खातों में जमा कराए जाने को लेकर फैसला किया गया है. इससे लीकेज और किसी हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हुई है.

पहल योजना के तहत एलपीजी सब्सिडी सीधे बैंक खातों में जमा कराई जाती है, जिसका गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज है.  इस योजना के तहत 1१४.६२ करोड़ से अधिक लोगों को सीधे नकद सब्सिडी मिल रही है. इस योजना ने करीब ३.३४ करोड़ नकली या निष्क्रिय खातों की पहचान करने और उन्हें बंद करने में भी मदद की, जिससे हजारों करोड़ रुपये की बचत हुई. पारदर्शिता- मोदी सरकार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी कई काम किए गए, जिसमें कोयला ब्लॉक आंवटन में पारदर्शी नीलामी, पर्यावरण संबंधी मंजूरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन, कई निविदाओं के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की शुरुआत की गई.

कौशल विकास- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना कौशल विकास एवं उद्यमता मंत्रालय की ओर चलाई जाती है. इस स्कीम का उद्देश्य है देश के युवाओं को उद्योगों से जुड़ी ट्रेनिंग देना है जिससे उन्हें रोजगार पाने में मदद मिल सके. इसमें ट्रेनिंग की फीस सरकार खुद भुगतान करती है. सरकार इस स्कीम के जरिए कम पढ़े लिखे या ड्रॉप आउट युवाओं को कौशल प्रशिक्षिण देती है. सरकार ने २०२० तक एक करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है.

मेक इन इंडिया- मोदी सरकार ने भारत के निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेक इन इंडिया पहल की शुरूआत की. इसके तहत कैपिटल गुड्स के साथ नई तकनीक और आधुनिकता को बढ़ावा दिया जाता है. इस स्कीम के लिए ९३० करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. तीन तलाक और हज यात्रा- तीन तलाक पर मोदी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसका लंबे समय से विरोध किया जा रहा था. सरकार ने लोकसभा में कई संशोधन प्रस्ताव खारिज होने के बाद ‘मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल’ पास करवाने का अहम कार्य किया है. वहीं सरकार ने हज पर दी जाने वाली वाली सब्सिडी इसी साल से खत्म कर दी है, यानी २०१८ से हज पर जाने वालों को पूरा खर्च खुद ही वहन करना होगा.