Home देश मोदी सरकार ने खारिज किया चीन का ये प्रस्ताव

मोदी सरकार ने खारिज किया चीन का ये प्रस्ताव

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हाल ही में चीन ने भारत से यह कहा था की चीन की एयरलाइन कंपनियों को दोनों देशों के बीच अधिक उड़ान के संचालन की अनुमति दी जाए. लेकिन भारतीय एयरलाइन कंपनियों से इसका जोरदार विरोध किया गया था. बता दे की अब मोदी सरकार ने चीन के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है.

जानकारी के मुताबिक़ बता दे की चीनी वाहक वर्तमान में भारत और चीन के बीच सभी उड़ानों में से ८३ प्रतिशत है. भारत सरकार ने स्थानीय वाहकों से सख्त विरोध के बाद चीन को एक संख्या को बढ़ाने के अनुरोध को खारिज कर दिया. चीनी सरकार ने भारत सरकार को यह प्रस्ताव दिया था कि दोनों देशों के बीच अधिक चीनी उड़ानों को अनुमति दे.

खबरों के अनुसार भारतीय वाहक इंडिगो, जेट एयरवेज, स्पाइसजेट, गो एयर और एयर इंडिया ने सभी ने एकजुटता के दुर्लभ शो में चीन से प्रस्ताव का विरोध किया. उन्होंने हाल ही में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की और इस कदम से अच्छे से ज्यादा नुकसान होगा यह बताया. सूत्रों की माने जून में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की चीन की हालिया यात्रा के बाद बैठक हुई, जहां चीनी सरकार ने अपने वाहकों के लिए उड़ान अधिकारों में वृद्धि की मांग की थी.

बता दे की वर्तमान व्यवस्था के तहत, वाहक को प्रति सप्ताह ४२ उड़ानें संचालित करने की अनुमति है, और चीनी वाहक इस कोटा का ८३ प्रतिशत हिस्सा लेते है. भारतीय वाहक केवल १७ प्रतिशत के लिए खाते है, लेकिन अधिक मांग कर रहे हैं क्योंकि स्पाइसजेट, इंडिगो और विस्तर जैसे एयरलाइंस आकर्षक चीन-भारत मार्ग को लक्षित कर रहे है.

गो एयर भी भारत और चीन के बीच संचालन शुरू करने की योजना बना रहे है लेकिन औपचारिक मंजूरी का इंतजार कर रहे है. यह मार्ग सबसे अधिक मांग में से एक है क्योंकि इसमें राजस्व और आय के लिए बड़ी संभावना है क्योंकि यह अपेक्षाकृत खुला है. जानकारी के मुताबिक़ बता दे की भारत सरकार ने स्थानिक वाहकों की बात मान कर चीन के इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर देना यह इससे पहले भी एक बार हुआ है.