Home देश यूपी में 2019 को लेकर राहुल की बढ़ी ये नई परेशानी

यूपी में 2019 को लेकर राहुल की बढ़ी ये नई परेशानी

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दिल्ली में राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक के बाद यूपी में महागंठबंधन की सुगबुगाहट एक बार फिर शुरू हो गई है. २०१९ के लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा के साथ होने वाले महागठबंधन में शामिल होने के लिए कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ बता दे की गठबंधन में कांग्रेस कम से कम १५ सीटें चाहती है. जबकि सपा और बसपा के मेल के बाद कांग्रेस को इतनी सीटें मिलना मुश्किल लग रहा है. बताया जा रहा है की राहुल गांधी एक कमेटी का गठन करेंगें जो गठबंधन के लिए समान विचारधारा वाली पार्टियों से बात करेगी. लेकिन अंतिम फैसला राहुल गांधी करेंगे.

वहीं कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष राहुल गांधी को पीएम उम्मीदवार बताया है जबकि बसपा और सहयोगी दल मायावती को पीएम कैंडिडेट बनाना चाहते है. बता दे की मंगलवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने सम्मानजनक सीटों की शर्त रखी तो कांग्रेस, अपनी उदारवादी छवि का हवाला देकर गठबंधन के सहयोगी दलों की सभी शर्तों पर विचार करने की बात कर रही है. ऐसे में राहुल गांधी को विपक्ष का चेहरा बनाना आसान नहीं है.

खबरों के अनुसार कांग्रेस के कुछ शीर्ष नेता इशारा दे रहे है कि अगर जरूरी हुआ तो कांग्रेस साथी दलों के लिए लचीला रवैया अपनाते हुए बीच का रास्ता निकाल सकती है. यूपी कांग्रेस के मीडिया को ऑर्डिनेटर राजीव बख्शी कहते है कि, “अखिलेश यादव कांग्रेस के पुराने साथी रहे है, अगर अब उसमें मायावती भी जुड़ना चाहती है तो उन्हें कोई गुरेज नहीं है.”

उन्होंने कहा कि, “सीट शेयरिंग एक मसला जरूर हो सकता है, जहां कांग्रेस के उसकी प्रभुत्व के तहत कितनी सीटें मिलती है. यह एक आंकलन का बड़ा विषय होगा. इसी के आधार पर बात आगे बढ़ भी सकती है और चर्चा हो सकती है.” कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व लगातार मध्यप्रदेश और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव में बसपा के साथ समझौते पर काम कर रहे है. अगर इन राज्यों में बसपा के साथ बात बनती है तो लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन की गाड़ी आगे बढ़ सकती है.