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ये है दुनिया का सबसे छोटा देश, इस देश में रहते है, सिर्फ 27 लोग

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दुनिया में बड़ी बड़ी चीजों की चर्चा अक्सर होती ही रहती है लेकिन आज हम आपको दुनिया के कुछ ऐसे देशो के बारे में बताएँगे जो इतने छोटे है की आप भी चौंक जायेंगे.

नेविस का क्षेत्रफल २६१ वर्ग किलोमीटर और जनसंख्या लगभग ५४१९१ के करीब हैं. इस देश की राजभाषा अंग्रेजी है. ३०० वर्ग किलो मीटर के साथ मालदीव दुनिया का ९वा सबसे छोटा देश है. हिन्द महासागर में स्थित होने की वजह से इस देश को हिंद महासागर का मोती भी कहा जाता है. वैसे यह देश जनसंख्या और क्षेत्रफल के हिसाब से एशिया का सबसे छोटा देश माना जाता है. माले इस देश की राजधानी है. 298 वर्ग किलोमीटर में फैले इस देश की कुल आबादी करीब 345,023 हैं. इस सूचि का १०वा सबसे छोटा देश है माल्टा. माल्टा यूरोपीय महादीप का एक विकसित देश माना जाता है. इस देश की राजधानी वलेत्ता है. जनसंख्या के लिहाज से देखें तो इस देश की आबादी 423,282 हैं, जो अन्य छोटे देशों से ज्यादा है. इस देश का क्षेत्रफल 316 वर्ग किलोमीटर है. माल्टाई यहां की मुख्य भाषा है.

लिक्टनस्टीन का कुल क्षेत्रफल है १६० वर्ग किलो मीटर. पश्चिमी यूरोप में स्थित यह देश दुनिया का सातवा सबसे छोटा देश माना जाता है, इस देश की सीमाएं स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया से मिलती हैं. इस देश की जनसंख्या करीब 36925 के आस पास है. इस देश की राजधानी वादुज है और सचान इस देश का सबसे बड़ा और प्रमुख शहर है. यहां की प्रमुख भाषा जर्मन है. इस देश के बारे में कहा जाता है कि कर के मामले में यहां के लोग बहुत ईमानदार हैं, जिस कारण यहां की वित्तीय व्यवस्था बहुत मजबूत रहती है. यह देश प्रतिव्यक्ति जीडीपी के मामले में दुनिया में नंबर एक है. दुनिया का आठवा सबसे छोटा देश है सेंट किट्स तथा नेविस. पूर्वी कैरिबियन सागर पर स्थित  है. जनसंख्या और क्षेत्रफल की लिहाज से देखें तो यह देश अन्य देशों की तरह ही है. कहा जाता है कि इस देश में यूरोपियन सबसे पहले आकर बसे थे.

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सैन मैरिनो की क्षेत्रफल है ६१ वर्ग किलो मीटर. यह देश हर तरफ से इटली से घिरा हुआ है. सैन मैरिनो यूरोप का सबसे पुराना देश माना जाता है. यह विश्व का छटा सबसे छोटा देश है. इस देश की राज भाषा इटालियन है. सेररावलले इस देश का प्रमुख नगर है. इस देश की जनसंख्या तक़रीबन ३१,४४८ है.सैन मैरीनो जीडीपी के मुताबिक दुनिका सबसे अमीर देश है. इस देश की अर्थव्यवस्था को बनाये रखने में पर्यटन, वित्त, उद्योग और सेवा संसाधन प्रमुख है.स्थानीय लोगो ने इस देश की  स्थापना से अपने समय की गिनती की, यह अभी भी 17 वीं शताब्दी है. सैन मैरिनो विदेशियों द्वारा कभी नही जीता नहीं गया था.मैरिनस नामक एक इसाई पत्थराव ने ए.ड. 301 में इसे स्थापित किया था. सैन मरीना के लोग इतालियन लोगो लोगो की तुलना में अच्छी तरह से अर्थ, ईमानदार, मिलनसार और कम प्रशस्त हैं.

तुवालु, विश्व का पांचवा सबसे छोटा देश. इस देश का कुल क्षेत्रफल है २६ वर्ग किलो मीटर. यह भी नौरु की तरह प्रशांत महासागर में स्थित है. यह देश पहले ब्रिटेन के अधीन था. 1978 में यह आजाद हुआ.  इस देश की आबादी लगभग 12,373 है. जनसंख्या की दृष्टि से यह दुनिया का तीसरा कम जनसंख्या वाला देश माना जाता है.  यह देश चार द्वीप और और पांच एटाल से मिलकर बना है. यह द्वीपीय देश १९वीं शताब्दी के अंत में युनाइटेड किंगडम के प्रभाव क्षेत्र में आया. १८९२ से लेकर  तक यह १९१६ ब्रिटेन का संरक्षित क्षेत्र और १९१६ से १९७४ के बीच यह गिल्बर्ट और इलाइस आईलैंड कालोनी का हिस्सा था. १९७४ में स्थानीय रहवासियों ने अलग ब्रिटिश निर्भर क्षेत्र के रूप में रहने के पक्ष में मतदान किया. १९७८ में तुवालू राष्ट्रकुल का पूर्ण स्वतंत्र देश के रूप में हिस्सा बन गया.

२१ वर्ग किलो मीटर वाला देश नॉरू है, जो दुनिया का चौथा सबसे छोटा देश है. इस देश के अपने कोई मित्र नहीं है. यहाँ की आबादी 10 ,000 के करीब है. नौरु प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीप देश है. यह दुनिया का सबसे छोटा स्वतंत्र गणराज्य देश है. यह दुनिया का एक मात्र ऐसा राष्ट्र है जिसकी कोई राजधानी नहीं है. और इस देश की अपनी कोई सेना भी नहीं हैं. यह द्वीप कोरल रीफ्स से घिरा हुआ है और सफेद रेतीले तटों के लिए भी जाना जाता है.इस देश की बेरोजगारी का स्तर सबसे अधिक अर्थात ९०% है. यहाँ के केवल १० % लोगो के पास ही रोजगार उपलब्ध है, जो सरकारी कर्मचारी है. नॉरू को सबसे अधिक मोटे लोग होने के लिए भी जाना जाता है.

इसकी पूरी सीमा २ किलो मीटर से भी कम है. यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा चर्च मौजूद है जिसका नाम है पीटर बेसिलिका. वेटिकेन सिटी कई शानदार इमारते भी आप देख सकते है. तिसरा सबसे छोटा देश है मोनाको. इस देश का कुल क्षेत्रफल २ वर्ग किलो मीटर है. यह देश यूरोपिय मह्द्वीप में फ्रांस और इटली के बिच स्थित है.लगातार २० सालो से समुद्री लहरों के कारण आज इस देश का क्षेत्रफल केवल २.०२ वर्ग किलो मीटर ही रह गया है. इस देश ने दुनिया के कई पर्यटकों को आकर्षित किया है. विश्व के किसी भी देश से ज्यादा प्रति व्यक्ति करोडपति इस देश में मौजूद है. मोनाको की अर्थव्यवस्था काफी सक्षम है. इस देश में लोग मौज मस्ती करने के लिए आते है. यहाँ की जनसँख्या ३८ हज्जार के करीबी है. इस देश का प्रमुख बाजार मॉन्टे कार्लो है. और यहां की मुख्य भाषा फ़्रांसिसी है. यह माना जाता है कि यहां पर साल भर विश्व के सबसे अमीर लोग ही आते हैं.

दुनिया के सबसे बड़े देशो के बारे में तो आपने सुना ही होगा. सबसे बड़ी चीज़े अक्सर चर्चा में रहती है. लेकिन कुछ इतने छोटे देश है जिंके बारे सुनकर तो आप भी हैरान रह जायेंगे. यह देश किसी शहर या मोहोल्ले के क्षेत्रफल से भी छोटे क्षेत्रफल के है. और उसके मुताबिक़ ही इनकी जनसँख्या भी उतनी ही कम है. आप यकीं नहीं करेंगे की इतने से क्षेत्रफल और जनसँख्या के साथ यह देश का दर्जा कैसे प्राप्त कर लेते है. दुनिया का सबसे छोटा देश एक मोहोल्ले से भी छोटासा है. इस देश का नाम है सीलैंड. इस देश का कुल क्षेत्रफल है ०.२५ वर्ग किलो मीटर. यह देश इंग्लंड के पास स्थित है. यहाँ केवल ३० लोग रहते है.  दूसरा सबसे छोटा देश है वेटिकेन सिटी. इसका देश का क्षेत्रफल सिर्फ और सिर्फ ०.४४ वर्ग किलो मीटर है. इस देश की जनसँख्या लगभग एक हजार है.