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ये है भारत के कट्टर विरोधी देश, इन्होने अब तक कभी नहीं किया भारत का समर्थन

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आज भारत के सम्बन्ध दुनिया के लगभग सभी देशो से अच्छे है. ज्यादातर देश भारत को अपना मित्र मानते है. लेकिन अभी भी कुछ ऐसे देश है जिन्होंने हा ही आज तक भारत का सहयोग किया है और ना करेंगे.

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पिछले कुछ सालो में भारत के सम्बन्ध दुनिया के कई देशो से बेहतर होते जा रहे है. इन संबंधो की वजह से भारत की स्थिति आज पहले से अधिक मजबूत हो गयी है. देश नयी ऊंचाईओं को छू रहा है. कई देश स्वयं भारत की ओर दोस्ती का हात बढ़ा रहे है. भारत ने अनेक देशो से अलग अलग मुद्दों पर समजौते कर लिए है, जिनसे देशो से व्यापार और आपसी सहयोग बढ़ रहा है. किन्तु कुछ देश अब भी भारत के पक्ष में नहीं है. वे भारत से कोई दुश्मनी नहीं रखते लेकिन उनका कुछ ख़ास समर्थन भी नहीं रहा है भारत की ओर. भविष्य में भी इन संबंधो के बेहतरी की कुछ खास संभावनाए नहीं है. तो आइये जानते है वो कौनसे देश है जो भारत से मित्रता नहीं चाहते और उनकी वजह क्या है.

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सबसे पहले है तुर्की. तुर्की यूरेशिया में स्थित देश है. यह दुनिया का अकेला बहुमल मुस्लिम राष्ट्र है. इसका कुछ भागयूरोप में तथा अधिकांश भाग एशिया में पड़ता है और इस वजह से इसे यूरोप एवं एशिया के बीच का ‘पुल’ कहा जाता है. तुर्की को पकिस्तान का सबसे ख़ास दोस्त कहा गया है. और ईसिस कारन वह चीन को भी सहयोग करता है. उसने भारत चीन तनाव में भी उसने पूरी तरह चीन का साथ दिया था. दुसरा देश है ऑस्ट्रिया.यह मध्य यूरोप में स्थित एक स्थल रुद्ध देश है. इसकी सीमाएं उत्तर में जर्मनी और चेक गणराज्य से, पूर्व में स्लोवाकिया और हंगरी से, दक्षिण में स्लोवाकिया और इटली और पश्चिम में स्विटजरलैंड और लीश्टेनश्टाइन से मिलती है. उनके प्रधान मंत्री ने इस बात की घोषणा खुलकर की है.

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ऑस्ट्रिया के प्रधान मंत्री का कहना है की “यदि वे भारत का समर्थन करेंगे तो भारत पूरी दुनिया पर राज करने की कोशिश करेगा. और ऐसे में सभी देशो में हिंसा का मोहोल हो जायेगा. और इस वजह से हिम भारत को सहयोग नहीं करते.” न्यूज़ीलैंड के सबंध भारत से अच्छे हुआ करते थे. न्यूज़ीलैंड  प्रशान्त महासागर में ऑस्ट्रेलिया के पास स्थित देश है. ये दो बड़े द्वीपों से बना है. यह दक्षिण पश्चिमी पसिफ़िक ओसियन में दो बड़े द्वीप और अन्य कई छोटे द्वीपों से बना एक देश है. भारत और न्यूज़ीलैंड के सम्बन्ध एन आई जी के मामले में बिघडे. न्यूज़ीलैंड ने हमेशा भारत के खिलाफ वोटिंग की. न्यूज़ीलैंड नहीं चाहता की भारत को न्यूज़ीलैंड की सदस्यता मिले. और इसलिए वह भारत का समर्थन नहीं करता.

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अगला देश है स्विट्ज़रलैंड. स्विट्ज़रलैंड मध्य यूरोप में स्थित देश है. भारत में जब भी भ्रष्टाचार की बात होती है तो हमेशा स्विस बैंक का ही नाम पहले लिया जाता है. और इसी वजह से यह देश भारत से खफा है. प्रधान मंत्री मोदी हमेशा स्विस बैंक का नाम लेते है और यह बात स्विट्ज़रलैंड को पसंद नहीं है. स्विस बैंक की वजह से इस देश का नाम पूरी दुनिया में ख़राब हो चूका है. वह इस बात का जिम्मेदार भारत को मानता है और इसलिए वह भारत का समर्थन करने के लिए इनकार करता है. पांचवादेश है आयरलैंड. आयरलैंड को सबसे अमीर देश भी कहा जाता है. आयरलैंड हमेशा एन आई जी के सदस्यत्व के लिए भारत के खिलाफ वोटिंग करता है. वैसे तो उसकी भारत से कोई दुश्मनी नहीं है.

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आयरलैंड के इस बर्ताव का अर्थ समजना मुश्किल है. उत्तरी-पश्चिमीयूरोप महाद्वीप का एक छोटा सा देश है. इरेलंडे द्वीप का लगभग ८० प्रतिशत भाग आयरलैण्ड गनतन्त्र के अधीन है. अगला देश जो भारत के पक्ष में नहीं है, वो है ब्राज़ील. ब्राज़ील चीन का अच्छा दोस्त है. ब्रजील ने चीन को अभी तक अपना समर्थन नहीं दिया है लेकिन भारत को भी समर्थन नहीं मिला है. ब्राज़ील दक्षिण अमेरिका का सबसे विशाल और महत्वपूर्ण देश है. ७वा देश है पकिस्तान. पकिस्तान और भारत में चल रहे तनाव के बारे में तो सभी जानते है. पकिस्तान किसी भी हाल में भारत क खिलाफ ही खड़ा रहता है. पकिस्तान का भारत के साथ सीमा विवाद भी है. पकिस्तान पहले भारत का ही एक हिस्सा था. लेकिन बाद में उन्होंने स्वतंत्र देश की मांग की.

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इस सूचि में ८वा और आखरी देश है मेक्सिको. यह देश उत्तर अमेरिका में स्थित है. यह एक संघीय संवैधानिक गणतंत्र है. यह संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तर पर सीमा से लगा हुआ हैं. मेक्सिको ड्रग्स माफियो का देश है. अमेरिका पर इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है. मेक्सिको और अमेरिका में इस वजह से तनाव बना हुआ है. भारत और अमेरिका अच्छे दोस्त बन गए है और इसलिए मेक्सिको हमेशा ही भारत का विरोध करता आ रहा है. मेक्सिको अमेरिका के हर मित्र को अपना शत्रु मानता है. यह सभी देश भारत के खिलाफ खड़े है किन्तु भारत को इनसे कोई डर नहीं है क्योंकि भारत बहुत सारे मित्र बना लिए है और खुद को सक्षम बनाया है. भारत ने महाशक्तियोको अपना दोस्त बना लिया है और अन्य कई देश अब भारत के मित्र है.