Home देश योगी सरकार के समर्थन से खुश हुए सवर्ण हिन्दू

योगी सरकार के समर्थन से खुश हुए सवर्ण हिन्दू

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कांग्रेस और कई बहुजन परिजनों ने अनुसूचित जाती के एक्ट में हुए कोर्ट के बदलाव के कारण देश बंद करवाया था.इस देश बंद के कारन १० लोगों को मौत का सामना करना पड़ा.सीधे गिरफ्तारी पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी.लेकिन सवर्ण लोगों ने शांतिपूर्ण आंदोलन करने के कारण इसका शानदार नतीजा देखने को मिला है.

एससी एसटी एक्ट में अभी मिली खबर के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है.इसके कारण सवर्ण हिन्दुओं में ख़ुशी का माहौल बना हुआ है.एससी एसटी एक्ट इलाहबाद के हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने स्पष्ट कहा है की अब उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा जिनकी सजा सात वर्षों से कम है.सवर्ण लोगों की आपत्ति यह थी की उनपर बिना किसी जांच किये बिना ही आरोप लगाया जाता था.

 

कोर्ट ने अपनी नाराजगी वक्त करते हुए कहा की आरपीसी के प्रावधानों का पालन किये बगैर एक दलित और महिला की बेटी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। गोंडा जिले के खोड़ारे पुलिस थाने का यह मामला है की वह राजेश मिश्रा और तीन अन्य लोगों पर १९ अगस्त पर घर में घुसकर मारपीट करने और अपशब्द कहने की एफआईआर दर्ज की थी.इस एफआईआर के खिलाफ याचिका कर मिश्रा और अन्य तीन लोगों ने इसे ख़ारिज करने की प्रार्थना की.इस घटना के बाद कोर्ट का यह फैसला सामने आया.

कोर्ट की तरफ से आया सवर्ण हिन्दुओं के इस फैसले का योगी सरकार ने भी स्वागत किया।सरकार का कोर्ट को कहना है की आरोपी की गिरफ्तार किया नहीं जाएगा।इस सरकार के फैसले के अनुसार जस्टिस अजय लाम्बा और हरकौली की खंडपीठ ने इसे सुनकर स्वीकारा और याची ने भी अपनी याचिका वापस ली.योगी सरकार ने बताया की आरोपियों की सजा सात वर्ष से काम की है.जांच अधिकारियों ने भी सेक्शन ४१ और ४१ ए की अनुपालना कर गिरफ्तारी नहीं की.

इलाहाबाद कोर्ट ने याचिका पर बहा के बाद कहा की जिन केसों में सजा सात साल से काम ही उन्हें बगैर नोटिए के बिना गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।कोर्ट का कहना है की गिरफ्तारी से पहले नोटिए देकर बुलाया जाएगा और नोटिस का पालन भी  किया जाएगा और उसे दौरान विवेचना गिरफ्तार किया नहीं जाएगा।