Home देश राजस्थान चुनाव के लिए कांग्रेस की ये नयी तलाश

राजस्थान चुनाव के लिए कांग्रेस की ये नयी तलाश

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देश में विधानसभा चुनावों का अगला दौर शुरू होने वाला है, इसके लिए देश की दो बड़ी पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सत्ताधारी बाजेपी से मुकाबला करने के लिए हर लिहाज तैयारी कर रही है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता की खोज में लगी है. इस कड़ी में  मंगलवार को पार्टी प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू लिए गए.

प्रियंका चतुर्वेदी ने कई उम्मीदवारों से पूछा कि राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट में से बेहतर नेता कौन है. इन सवालों के जवाब देने में कई उम्मीदवार असहज नजर आए तो कई ने अपनी पसंद के हिसाब से ही दोनों नेताओं की खूबियों और कमियों के बारे में बताया.खासतौर पर मीडिया के सामने इन सवालों के आने के बाद राजस्थान कांग्रेस के आला नेता नाखुश दिखाई दिए. दरअसल आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए राजस्थान में कांग्रेस स्पोक्सपर्सन, पैनललिस्ट और दूसरे एक्सपर्ट्स की एक पूरी टीम तैयार कर रही है.

इसी के तहत जयपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया सेल की संयोजक चतुर्वेदी ने इंटरव्यू लिए. उन्हीं में से अब ६०-७० विशेषज्ञों की छंटनी कर उनको इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. पीसीसी मुख्यालय में आयोजित साक्षात्कार में कांग्रेस की नीतियां, इतिहास, राहुल गांधी की लीडरशिप, भाजपा की ओर से कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी बताने के मुद्दे पर राय और राजस्थान में कांग्रेस के भविष्य सहित उम्मीदवारों के खुद के चुनाव लड़ने और जनरल नॉलेज के बारे में सवाल पूछे गए.

बताया जा रहा है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मीडिया मैनेजमेंट के लिए कई टीमों का गठन किया जाएगा. इनमें कांग्रेस के चयनित नेताओं के अलावा एक्सपर्ट प्रोफेशनल, डॉक्टर, वकील, इंजिनियर और पत्रकारों को भी शामिल किया जाएगा. राजस्थान में कांग्रेस के प्रवक्ताओं के लिए जिन ६० से ७० लोगों को बुलाया गया, उनमें पांच से सात की प्रदेश प्रवक्ता के तौर पर नियुक्ति की जाएगी. इसके अलावा चुनाव के मद्देनजर संभाग स्तर पर भी प्रवक्ताओं का चयन होगा.

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए भाजपा पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा पिछले ४ सालों में भाजपा ने देश की जनता को गुमराह करने का काम किया है.देश की जनता से किए एक भी वादे को पूरा नहीं किया है. राजस्थान सहित देश में जहां भी भाजपा की सरकारें हैं वहां भीड़तंत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है.लेकिन जनता अब भाजपा का ड्रामा समझ चुकी है और २०१८ में राजस्थान विधानसभा और २०१९ के लोकसभा चुनाव में इसका जवाब देगी.