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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इसलिए नहीं करेंगे इफ्तार पार्टी

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बता दे की हर साल रमजान के महीने में राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी होती है. लेकिन अभी मिली खबर के मुताबिक़ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस साल राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं करेंगे यह बताया जा रहा है. इसकी जानकारी राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने दी.

जानकारी के मुताबिक़ राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति ने पदभार ग्रहण करने के बाद निर्णय किया था कि राष्ट्रपति भवन जैसी सार्वजनिक इमारत में करदाताओं के खर्चे पर किसी तरह का धार्मिक समारोह या त्योहार नहीं मनाया जाएगा. सूत्रों की माने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस साल राष्ट्रपति भवन में होने वाली इफ्तार पार्टी को कैंसल कर दिया है. उनका मानना है कि करदाताओं के पैसों से भवन में किसी भी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा. देश के धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को ध्यान में रखकर यह फैसला किया गया और यह सभी तरह के धार्मिक कार्यक्रमों पर लागू होता है. अशोक मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति हर प्रमुख त्योहार के अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं देते है. बता दे कि ११ साल बाद यह पहला मौका होगा जब राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं होगा.

सूत्रों क माने मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति हर प्रमुख त्योहार के अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं देते हैं. गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति रहते हुए राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी दिया करते थे. हाला कि उस दौरान पीएम मोदी ने किसी भी इफ्तार पार्टी में हिस्सा नही लिया था. आगे उन्होंने कहा की, ”राष्ट्रपति भवन एक सेक्युलर स्टेट का मूर्त रूप है. धर्म और गवर्नेंस अलग है. टैक्स चुकाने वालों की रकम पर राष्ट्रपति भवन में किसी भी धर्म से जुड़ा त्योहार नहीं मनाया जाएगा. हाला कि, राष्ट्रपति देशवासियों को हर धर्म के त्योहारों पर शुभकामनाएं देंगे. राष्ट्रपति भवन परिसर में रहने वाले किसी भी अफसर या कर्मचारी पर कोई पाबंदी नहीं होगी. वह अपने धर्म से जुड़े त्योहारों को मनाने के लिए आजाद है.”

बता दे की इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे कलाम के कार्यकाल (२००२-२००७) में इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं होता था. एपीजे अब्दुल कलाम के कार्यकाल में इफ्तार पार्टी पर होने वाले खर्च की रकम को गरीब और अनाथ लोगों की मदद में खर्च किया गया. याद दिला दे कि २५ जुलाई, २०१७ को रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति पद की शपथ लेते समय ही फैसला किया था कि राष्ट्रपति भवन एक सार्वजनिक इमारत है, यहां सरकार या कर दाताओं के पैसों से किसी भी धार्मिक त्योहार का आयोजन नहीं होगा. हाला कि वे देशवासियों को हर त्योहार पर शुभकामनाएं देंगे. राष्ट्रपति भवन परिसर में रहने वाले कर्मचारियों पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं है. वे अपने-अपने त्योहार मना सकेंगे. इससे पहले २०१७ में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ही कार्यकाल में क्रिसमस पर होने वाली कैरोल सिंगिंग का भी आयोजन नहीं किया गया था. इससे पहले प्रतिभा पाटिल ने अपने कार्यकाल में इस पारंपरिक सेलिब्रेशन को मुंबई हमलों के चलते रद्द कर दिया था. हाला कि, इफ्तार पार्टी प्रतिभा पाटिल और फिर प्रणब मुखर्जी, दोनों के कार्यकाल में हुई.