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राहुल के बुलावे पर भी इफ्तार में नहीं आये अखिलेश, हैरान करनेवाली ये वजह आयी सामने

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से कल दिल्ली के ताज होटल में इफ्तार पार्टी दी गई. इस पार्टी में कांग्रेस की तरफ से सभी विपक्षी दलों को आमंत्रित किया गया था, बावजूद इसके विपक्ष के किसी बड़े नेता ने पार्टी में शिरकत नहीं की. यूपी चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन करने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी राहुल के बुलावे पर नहीं आए.

लेकिन उत्तर प्रदेश में नए दोस्त के रूप में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) को तलाश चुके समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव क्या अपने पुराने दोस्त राहुल गांधी से सियासी नाता तोड़ चुके हैं? क्या अखिलेश को राहुल का साथ पसंद नहीं है? यह सवाल दिल्ली से लेकर लखनऊ तक उठ रहे हैं. दरअसल कल कांग्रेस ने दिल्ली के ताज होटल में इफ्तार पार्टी दी. पार्टी में बीएसपी समेत १० दलों के नेताओं ने शिरकत की, लेकिन अखिलेश यादव नदारद रहे. उनकी पार्टी का कोई नुमाइंदा भी नहीं पहुंचा.ध्यान रहे की पिछले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने बीजेपी को मात देने के लिए गठबंधन किया था. साथ आने की घोषणा खुद राहुल गांधी ने लखनऊ पहुंच कर की. अखिलेश और राहुल ने साझा प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एक आवाज में कहा था कि ‘यूपी को ये साथ पसंद है’ लेकिन जनता ने खारिज कर दिया. सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी १०३ में से मात्र ४८ और कांग्रेस सात सीटों पर सिमट गई.

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने जब कहा कि वह प्रधानमंत्री बन सकते हैं. यह अखिलेश के लिए स्वीकार करना मुश्किल था. उन्होंने तब एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा था कि चुनाव के बाद ही तय होगा की प्रधानमंत्री कौन होगा. दरअसल अखिलेश तीसरा ऑप्शन संयुक्त मोर्चा का खुला रखना चाहते हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दबे स्वर में संयुक्त मोर्चा को हवा दे रही हैं. यानि की कांग्रेस के नेतृत्व में चुनाव न लड़ें. सभी विपक्षी दल साथ आएं उसमें कांग्रेस शामिल हो. बीएसपी प्रमुख मायावती और अखिलेश यादव भी शपथ समारोह में पहुंचे थे. इस दौरान सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने एक साथ मंच से अपनी एकता दिखाई थी, तब ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि यही फ्रेम लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी देखने को मिल सकता है. लेकिन इफ्तार जैसे अहम मौकों से समाजवादी पार्टी की दूरी गठबंधन की संभावनाओं पर सवाल खड़े करते हैं.