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राहुल गांधी ने की शिमला विधायकों से चर्चा

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लोकसभा चुनाव में शिमला संसदीय सीट से दावेदारी को लेकर कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में राहुल दरबार पहुंच गया. बुधवार को इन लोगों ने जहां राहुल गांधी से मुलाकात की, वहीं आनंद शर्मा से भी मिले. इसमें पूर्व मंत्री धनी राम शांडिल के अलावा विक्रमादित्य सिंह समेत पार्टी के पांच विधायक, पूर्व विधायक और आधा दर्जन के करीब कांग्रेसी नेता शामिल रहे.

हिमाचल कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच बुधवार को शिमला संसदीय क्षेत्र के विधायक, पूर्व विधायक सहित अन्य नेताओं ने दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार इस दौरान जहां संगठन की गतिविधियों के साथ आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई, वहीं वीरभद्र समर्थक कुछ विधायकों ने राहुल गांधी के समक्ष संगठन में फेरबदल का मुद्दा भी उठाया.

दिल्ली में हुई उक्त बैठक की हिमाचल के सियासी गलियारों में खासी चर्चा रही है. सूत्रों के अनुसार वीरभद्र समर्थक कुछ विधायकों ने राहुल गांधी को अवगत करवाया कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू का कार्यकाल पूरा हो चुका है और लोकसभा चुनाव से पहले संगठन में व्यापक फेरबदल की आवश्यकता है. इस दौरान आगामी वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव पर चर्चा की.

शिमला संसदीय क्षेत्र से संबंध रखने वाले इन विधायकों ने बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर यहां की राजनीति पर भी चर्चा की. इस दौरान शिमला संसदीय सीट के लिए जिताऊ प्रत्याशी को टिकट देने की पैरवी की गई. इसके अलावा ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में भी नए सदस्यों को शामिल करने का पक्ष इन पदाधिकारियों ने रखा. इसके बाद राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा से भी मुलाकात की. इन दोनों ही मुलाकातों को लेकर सियासी गलियारों में काफी चर्चा रही.

मिलने वालो में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक धनीराम शांडिल, विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, विधायक विनय कुमार, विधायक विक्रमादित्य सिंह, विधायक नंद लाल, पूर्व विधायक गंगूराम मुसाफिर, राम कुमार चौधरी और पूर्व की वीरभद्र सरकार में एससी आयोग के अध्यक्ष रहे अमित नंदा ने थे. कांग्रेसी नेताओं ने लोकसभा चुनाव में जीतने की क्षमता रखने वाले व्यक्ति को ही टिकट देने की सिफारिश की.

शिमला संसदीय क्षेत्र के नेताओं ने सी.डब्ल्यू.सी. मैंबर एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा से भी मुलाकात की. कांग्रेसी नेताओं ने आनंद शर्मा से लोकसभा चुनावों में जीतने की क्षमता रखने वाले नेताओं को ही टिकट देने की सिफारिश की.राहुल गांधी से हुई मुलाकात के दौरान कसुम्पटी विस से विधायक अनिरुद्ध सिंह और शिलाई से विधायक हर्षवर्धन चौहान मौजूद नहीं रहे.सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं से संपर्क किया गया था लेकिन वे विभिन्न कारणों से दिल्ली गए. आगामी वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में अभी से ही टिकट के जोड़-तोड़ भी शुरू हो गई है.

इसके तहत अपने-अपने चहेतों को टिकट दिलवाने के लिए कांग्रेस नेता दिल्ली में लॉबिंग कर रहे हैं. इसी कड़ी में बीते दिनों जहां मंडी संसदीय क्षेत्र से संबंध रखने वाले पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने पूर्व सी.पी.एस. राजेश धर्माणी और रोहित ठाकुर के साथ राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की थी, वहीं उसके बाद कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से संबंध रखने वाले पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने विधायक पवन काजल, पूर्व विधायक जगजीवन पाल, संजय रत्न, यादविंद्र गोमा व अजय महाजन तथा वन निगम के पूर्व उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया को साथ लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात की.

विधायक एवं पूर्व मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल आगामी लोकसभा चुनाव के लिए शिमला संसदीय सीट से कांग्रेस की तरफ से सबसे सशक्त उम्मीदवार माने जा रहे हैं.वह पूर्व में भी शिमला संसदीय सीट से सांसद रह चुके हैं. कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से इस बार पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा सांसद शांता कुमार चुनाव लडऩे से इंकार कर चुके हैं. इसे देखते हुए कांग्रेस संसदीय सीट पर नजर गढ़ाए बैठी है.

कांग्रेस की तरफ से पूर्व सांसद चंद्र कुमार भी चुनाव लडऩे से इंकार कर चुके हैं, जिससे पार्टी के भीतर नए सियासी समीकरण बन रहे हैं. सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेताओं ने कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के अलावा प्रदेश से जुड़े अन्य सियासी मामलों पर भी चर्चा की है. सूत्रों के अनुसार कांगड़ा जिला के इन नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत से भी चर्चा की है.