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रूस के बाद अमेरिका ने भी माना PM मोदी का लोहा, भारत के लिए कर दिया ये बड़ा काम

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक और जबरदस्त डील कर डाली है.इस डील के तहत  भारत की एनर्जी जरूरत को पूरा कर सकेगा.अभी हाल ही में अमेरिका के तहत से डील के तहत एलएनजी गैस का टैंकर आया था, लेकिन भारत रूस के साथ एक बड़ी डील कर ली और रूस का टैंकर भी एलएनजी लेकर भारत आ गया है.

भारत को सोमवार को रूस से एलएनजी की पहली खेप मिली. रूसी कंपनी गैजप्रोम का पोत पेट्रोनेट एलएनजी के गैस आयात टर्मिनल पर पहुंचा.रूस की यह कंपनी ३.४ ट्रिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (TBtu) की आपूर्ति नाइजीरिया से करेगी.दुनिया की टॉप लिस्टेड नैचरल गैस कंपनी से गैस के आयात के साथ ही भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में अहम सफलता हासिल की है. इसके अलावा भारत ने २५ अरब डॉलर की इस डील के जरिए अमेरिका के साथ ही रूस को भी साधा है. गेल के साथ २० साल के लिए हुई डील के तहत रूसी क्रायोजेनिक शिप एलएनजी की पहली खेप लेकर पहुंचा.रूस से आए इस टैंकर को ऑयल एंड पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद प्रधान ने रिसीव किया.इस मौके पर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘भारत की सुरक्षा जरूरतों के रोडमैप के लिहाज से आज का दिन गोल्डन डे के तौर पर याद किया जाएगा.’

भारत के तेजी से विकसित होते ऑइल और गैस सेक्टर में रूस के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि लॉन्ग टर्म के लिए गैस सप्लाइ पर सहमति बनने से दोनों देशों के बीच एक पुल बना है.उन्‍होंने कहा कि पहले भारत ने कतर से आने वाली एलएनजी के रेट को कम करने पर बात की, इसके बाद ऑस्‍ट्रेलिया से आपूर्ति की बात पक्‍की हुई और अब रूस से नई शर्तों पर गैस की आपूर्ति शुरू हो गई है. उन्‍होंने बताया कि भारत रूस से अगले २० सालों के दौरान २५ अरब डॉलर की एलएनजी का आयात करेगा. कुछ साल पहले तक भारत सिर्फ कतर से ही एलएनजी का आयात कर रहा था, लेकिन अब ऑस्‍ट्रेलिया, अमेरिका और रूस से भी एलएनजी का आयात हो रहा है.न्‍होंने कहा कि भारत की इकोनॉमी में गैस का इस्‍तेमाल बढ़ाया जा रहा है. अभी भारत की इकनॉमी के एनर्जी बास्‍केट में गैस का योगदान ६.२ फीसदी है, जिसे बढ़ाकर १५ फीसदी करने का लक्ष्‍य है. उन्‍होंने कहा कि भारत में पॉवर जेनरेशन से लेकर स्‍टील उत्‍पादन तक में इसका इस्‍तेमाल बढ़ाया जा सकता है. इससे कार्बन इमिशन में कटौती के लिए COP21 कमिटमेंट को पूरा करने में मदद भी मिलेगी.