Home देश वायुसेना प्रमुख गए इजराइल की यात्रा पर, ये वजह आयी सामने

वायुसेना प्रमुख गए इजराइल की यात्रा पर, ये वजह आयी सामने

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वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बी एस धनोआ इजराइल की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं. इसका उद्देश्य इजराइली वायुसेना की ७०वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित व्यापक सम्मेलन में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करना है.वायुसेना प्रमुख २१ मई से २४ मई तक इसराइल के दौरे पर होंगे.

हालांकि वायुसेना प्रमुख इजराइल में आयोजित एक उच्चस्तरीय सम्मेलन में भाग लेने इजराइल गए हैं लेकिन इस दौरान वह इजराइल के कई आला सैन्य अधिकारियों से आपसी मसलों पर बातचीत के अलावा सम्मेलन में भाग ले रहे करीब बीस देशों के वायुसैनिक कमांडरों से भी मुलाकात कर आपसी सहयोग के मसलों पर बातचीत करेंगे.सम्मेलन इजरायल के सर्वोच्च नेतृत्व, अभिनव विचारकों और आमंत्रित वायु सेना कमांडरों के बीच सामरिक वार्तालाप को सक्षम करेगा.भारत और इजराइल के बीच गहराते सामरिक और रक्षा रिश्तों के मद्देनजर वायुसेना प्रमुख का इजराइल दौरा काफी अहम माना जा रहा है.वायुसेना प्रमुख वहां जिस सम्मेलन में भाग लेंगे उसका विचारणीय विषय है– क्षेत्रीय स्थिरता के पुल के तौर पर हवाई श्रेष्ठता.इस सम्मेलन में भारतीय वायुसेना प्रमुख की भागीदारी से इजराइल के साथ रक्षा सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में दोनों देशों की वाय़ुसेनाओं के बीच सहयोग को और गहरा करने का रास्ता साफ होगा.

रक्षा मामलों में भारत इजराइल का सामरिक भागीदार रहा है.गत वर्षों में दोनों वायुसेनाएं परस्पर लाभजनक पेशेवर आदान-प्रदान करती रही हैं. इजराइल दौरे में एयर चीफ मार्शल धनोआ इजराइली वायुसैनिक अड्डों का भी दौरा करेंगे और इजराइल में कई सांस्कृतिक धऱोहरों को भी देखने जाएंगे.उल्लेखनीय है कि इजराइल भारत के सबसे बड़े रक्षा साझेदारों में से एक उभर चुका है. इजराइली सैन्य कम्पनियों ने भारतीय सेनाओं को अत्याधुनिक शस्त्र प्रणालियों की सप्लाई की है और भारत को मिसाइल प्रणालियों के विकास में असाधारण योगदान दिया है.दरहरसल पिछले कुछ दशकों में भारत और इज़राइल के बीच रक्षा संबंध कई गुना बढ़ गए हैं. भारत इजरायल के सबसे बड़े हथियार बाजार के रूप में उभरा है और हर साल करीब १ अरब डॉलर के हथियार खरीद रहा है.धनोआ की इस यात्रा से भविष्य में दोनों देशों के रक्षा संबंधों को अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है.