Home देश विश्वास प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव में रहा ये बड़ा फर्क

विश्वास प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव में रहा ये बड़ा फर्क

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इस बात से तो सभी वाकिब है की बुधवार से संसद में मानसून सत्र शुरू हो गया है. खबरों के अनुसार बता दे की विपक्ष ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है. जानकारी के मुताबिक़ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ लाया जाता है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ बता दे की लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने विपक्ष ने मोदी सरकार के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया है. बता दे की विश्वास प्रस्ताव सरकार की ओर से अपना बहुमत और मंत्रिमंडल में सदन का विश्वास स्थापित करने के लिए लाया जाता है, जबकि अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ लाया जाता है.

लोकसभा अध्यक्ष के मुताबिक़ प्रस्ताव पर २० जुलाई को चर्चा होगी. इसके बाद मत विभाजन कराया जाएगा यह बताया जा रहा है. खबरों के अनुसार बता दे की बुधवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले दलों की ताकत एनडीए के संख्या बल से आधी भी नहीं है. ऐसे में यह विपक्षी एकजुटता बनाम एनडीए के बीच मुकाबला है यह माना जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक़ सदन में अब तक २६ बार अविश्वास प्रस्ताव और १२ बार विश्वास प्रस्ताव पेश किया जा चुका है. बता दे की अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित नियम १९८ के तहत व्यवस्था है कि कोई भी सदस्य लोकसभा अध्यक्ष को सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है. शर्त यह है कि नोटिस को अध्यक्ष जिस दिन की कार्यवाही का हिस्सा बनाएं और वह सदन के समक्ष आए तो उसके समर्थन में ५० सदस्यों को अपना समर्थन जताना होगा.

सूत्रों की माने सदन में मतदान की नौबत आने पर यह भी साफ हो जाएगा कि कौन किधर खड़ा है और कौन दोनों पक्षों से समान दूरी पर है. सदन में हंगामा और संभ्रम यानी अध्यक्ष का ५० सदस्यों की स्पष्ट गिनती करने में असमर्थ होना इसस्थिति में अविश्वास प्रस्ताव चर्चा के लिए नहीं लिया जा सकता यह बताया जा रहा है.