Home देश सपा की बैठक में हुए तीन महत्वपूर्ण फैसले

सपा की बैठक में हुए तीन महत्वपूर्ण फैसले

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समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में आज सरंक्षक मुलायम सिंह यादव तथा वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव की गैरहाजिरी में अध्यक्ष अखिलेश यादव को ही बड़े निर्णय के लिए अधिकृत किया गया है. लखनऊ में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में इस बैठक में गठबंधन तथा सीट बंटवारे पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को ही निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया.

“राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद पार्टी के प्रमुख महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ही २०१९ लोकसभा चुनाव में गठबंधन और सीटों के बंटवारे के बारे में फैसला लेंगे. पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में लिए गए निर्णय के अनुसार अध्यक्ष अखिलेश यादव ही २०१९ लोकसभा चुनाव में गठबंधन और सीटों के बंटवारे के बारे में फैसला लेंगे.समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक खत्तम होने के बाद प्रेस कॉनफ्रेस कर उन्होनें बताया कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग चुनाव आयोग से करती रही है.

हम चुनाव आयोग से मांग करेंगे कि आम चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से करवाया जाए. उन्होंने कहा जरूरत पड़ी तो चुनाव आयोग के दरवाजे पर हम धरना भी देंगे. यही नहीं बाकी दलों को साथ लेकर हम बैलेट पेपर से चुनाव के लिए आंदोलन भी चलाएंगे. उन्होंने कहा कि यह गांधी का देश है, हम आंदोलन करेंगे किसी को गोली नहीं मार देंगे.

रामगोपाल यादव ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास हुआ है कि आगामी चुनावों में अन्य दलों से गठबंधन या गठबंधन के बाद सीटों के बंटवारे का अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष का होगा. इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अधिकृत किया गया है. वहीँ समाजवादी पार्टी अब यूपी के बाहर भी अपना विस्तार कर रही है. मध्य प्रदेश के चुनावों में पार्टी भी उतर रही है. ऐसे में आने वाले समय में कई राज्यों में चुनाव होने हैं. इन राज्यों में किसी पार्टी से गठबंधन और सीट बंटवारे का फैसला करने का अधिकार भी राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपा गया है.

इसके साथ समाजवादी पार्टी ने चार उपचुनाव में जीत को लेकर एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें मतदाताओं को धन्यवाद दिया गया.इस बैठक में पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान के हिस्सा न लेने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर राम गोपाल यादव ने कहा, ‘यह जरूरी नहीं कि पार्टी का हर नेता हर बैठक में उपस्थित हो पाए. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष समेत इसके 90 फीसदी सदस्य मौजूद थे.’