Home देश समिट से पहले ही अचानक पुतिन ने किया ये बड़ा बयान, ट्रम्प...

समिट से पहले ही अचानक पुतिन ने किया ये बड़ा बयान, ट्रम्प भी हुए हैरान

SHARE

बता दे की ९ और १० जून को चीन के शहर किंगदाओ में एससीओ समिट का आयोजन होना है और उससे कुछ ही समय पहले आए पुतिन के आए बयान को काफी अहम माना जा रहा है. रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमिर पुतिन ने कहा है भारत, चीन और रूस शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन यानी एससीओ के बड़े खिलाड़ी है.

जानकारी के मुताबिक़ बता दे की इस वर्ष चीन में यह १८ वी एससीओ समिट है. सूत्रों की माने रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमिर पुतिन ने यह बात चीन के राष्‍ट्रीय इंग्लिश चैनल पर कही है. पुतिन ने कहा आठ सदस्‍यों वाला यह संगठन जिसे चीन, रूस और दूसरे देशों के बीच बॉर्डर से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए बनाया गया था, अब इससे बहुत आगे आ गया है. आगे पुतिन ने कहा, ‘एससीओ सदस्‍य दुनिया की जीडीपी में एक चौथाई का योगदान करते है, दुनिया की जनसंख्या में ४३ प्रतिशत इनकी भागीदारी है और दुनिया के क्षेत्र का २३ प्रतिशत हिस्‍सा इनके अंतर्गत आता है.’ खबरों के अनुसार पुतिन ने चीन के सीजीटीएन इंग्लिश चैनल और चीन के दूसरे मीडिया ग्रुप के साथ बातचीत में यह बात कही है.

बता दे की रुसी राष्ट्रपति पुतिन ने जोर देकर कहा कि चीन, भारत और रूस की प्रगति काफी तेजी से हो रही है और ये तीन देश इस संगठन के बड़े खिलाड़ी है. भारत के अलावा इस बार पाकिस्‍तान भी एससीओ में फुल मेंबरशिप के साथ हिस्‍सा लेगा. कई लोगों का मानना है कि भारत की सदस्‍यता के लिए रूस ने जोर दिया था तो पाकिस्‍तान को चीन का समर्थन मिला था. जानकारी के मुताबिक़ एससीओ की स्‍थापना साल २००१ में रूस, चीन, कीर्ग रिपब्लिक, कजाखिस्‍तान, तजाकिस्‍तान और उजबेकिस्‍तान के राष्‍ट्रपतियों ने शंघाई में की थी. पीएम मोदी यहां पर इस समिट से अलग पुतिन से मुलाकात कर सकते है, अगर दोनों के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हुई तो फिर तीन हफ्तों के अंदर यह दूसरा मौका होगा जब मोदी और पुतिन की मुलाकात होगी.

एससीओ में रूस, भारत का अहम साझीदार होगा क्‍योंकि पाकिस्‍तान के साथ भारत के रिश्‍ते हमेशा से तनावपूर्ण रहे है तो चीन के साथ भी कुछ मतभेद है. चौथी बार रूस के राष्‍ट्रपति बने पुतिन ने कहा उनके देश और पश्चिमी देशों के बीच रिश्‍ते सकारात्‍मक हो सकते है. उन्‍होंने रूस पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों पर भी हैरानी नहीं जताई. पुतिन ने कहा कि इन प्रतिबंधों के बाद भी रूस आजादी और संप्रभुता का रास्‍ता नहीं छोड़ेगा. पुतिन के मुताबिक जिन देशों ने अमेरिका का रास्‍ता अपनाया है उन्‍हें भी काफी नुकसान उठाना है. बता दे की पीएम मोदी और राष्‍ट्रपति पुतिन मई माह में रूस के शहर सोची में मिले थे. उस समय पीएम मोदी ने कहा था, ‘ रूस, भारत का पुराना दोस्‍त है. दोनों देश लंबा इतिहास साझा करते है और राष्‍ट्रपति पुतिन मेरे व्‍यक्तिगत मित्र है और भारत के दोस्‍त है.’