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सिंगापूर में ट्रम्प ने किम से करवाया ये दुनिया का सबसे बड़ा काम,पूरी दुनिया ने की तारीफ़

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अमेरिकी अध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन की मुलाक़ात से नतीजे काफी लम्बे समय तक नजर आने वाले है. किम जोंग उन द्वारा लिए जाने वाले फैसलों के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में भी काफी उधम मच गयी है. अमेरिका में भी इसके असर देखे जा सकते है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने स्वदेश लौटने के बाद किम जोंग-उन के साथ सिंगापुर में हुई अपनी बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया से अब कोई परमाणु खतरा नहीं है जैसा कि पहले समझा जाता था. उन्होंने साथ ही अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया सबसे बड़ी समस्या है, लेकिन सिंगापुर में हुई बैठक के बाद ऐसा नहीं है. ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘लंबी यात्रा के बाद अभी लौटा, लेकिन अब हर कोई उस दिन से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर सकता है जिस दिन मैंने पद ग्रहण किया था. उत्तर कोरिया से अब परमाणु खतरा नहीं है. किम जोंग-उन के साथ मेरी बैठक रोचक थी और बेहद सकारात्मक अनुभव रहा. उत्तर कोरिया में भविष्य की काफी संभावनाएं हैं.’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश लौटने के बाद इस मुलाकात पर कहा है कि अब दुनिया सुरक्षित महसूस कर रही है क्योंकि अब से उत्तर कोरिया की तरफ से परमाणु युद्ध की धमकियां नहीं मिलेंगी. ट्रंप ने ट्वीट किया कि ‘मैं सिंगापुर में किम जोंग उन से एक बेहतरीन मुलाकात के बाद अमेरिका लौट आया हूं. यह एक लंबी यात्रा थी लेकिन अब दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही है.’ अपने अगले ट्वीट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर हमला करते हुए कहा, ‘मेरे पद ग्रहण करने से पहले लोग मानते थे कि हम उत्तर कोरिया के साथ युद्ध करने जा रहे हैं. राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि उत्तर कोरिया सबसे बड़ी और खतरनाक समस्या है. अब नहीं- रात में अच्छी नींद लीजिए.

इस मुलाकात से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग ने एक दूसरे को कई बार परमाणु युद्ध की धमकियां दी थीं. किम जोंग उन ने तो यह तक कह दिया था कि उनकी टेबल पर हमेशा परमाणु बम का रिमोट कंट्रोल रहता है. जिसके जवाब में डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उनके पास भी एक रिमोट है जो आपके परमाणु हथियारों से ज्यादा विनाशकारी है. इस सदी की सबसे चर्चित शिखर वार्ता के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति और किम जोंग-उन ने सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप में पहली बार हंसकर एक-दूसरे से बात की है. मुलाकात के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उम्मीद है की हम दोनों के संबंध अच्छे रहेंगे. सब कुछ भुलाकर अब हम आगे बढ़ेंगे. हमारी मुलाकात ऐतिहासिक रही. इस दौरान किम जोंग उन ने कहा कि यहां तक पहुंचना आसान नहीं था.

हमने सब कुछ भुलाकर यह मुलाकात की है. उत्तर कोरिया जल्द ही परमाणु हथियारों को नष्ट करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते 13 मई को कहा था कि किम जोंग उन के साथ उनकी अभूतपूर्व शिखर वार्ता से दुनिया ‘‘परमाणु आपदा’’ के मुहाने से एक कदम पीछे लौटी है. इसके साथ ही उन्होंने उत्तर कोरिया के नेता का अपने लोगों के उज्ज्वल भविष्य की ओर ‘‘पहला साहसी कदम’’ उठाने के लिए आभार जताया. किम ने 12 मई को सिंगापुर शिखर वार्ता में अमेरिका की ओर से सुरक्षा गारंटी के बदले में ‘‘पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण’’ की दिशा में काम करने का वादा किया था. वहीं दूसरी ओर अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो का कहना है कि वॉशिंगटन चाहता है कि उत्तर कोरिया २०२० तक परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य को पूरा करे.

डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच सिंगापुर में हुई बैठक के बाद बुधवार १३ मई को यह बयान आया. उत्तर कोरिया ने बयान में कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करने पर सहमति जताई, लेकिन इस दस्तावेज में यह स्पष्ट नहीं था कि प्योंगयांग कब और कैसे ऐसा करेगा. सिंगापुर में दोनों नेताओं (डोनाल्ड ट्रंप, किम जोंग उन) के बीच कोरियाई प्रायद्वीय को पूरी तरह से परमाणु हथियारों से मुक्त करने की दिशा में बढ़ने पर सहमति बनी थी, लेकिन इस समझौते में इस बात का ब्योरा नहीं दिया गया है कि उत्तर कोरिया कब और कैसे अपने हथियार छोड़ेगा, यही वजह है कि इस समझौते की आलोचना भी हो रही है. ट्रंप ने ऐलान किया कि अब अमेरिका कोरिया प्रायद्वीप में दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास नहीं करेगा. ट्रंप ने कहा, ‘हम वॉर गेम्स को बंद कर देंगे, जिससे हमारा काफी पैसा भी बचेगा.’