Home देश सीरिया के बाद अब इस मुस्लिम देश पर इजराइल जल्द ही करेगा...

सीरिया के बाद अब इस मुस्लिम देश पर इजराइल जल्द ही करेगा हमला

SHARE

ईरान और इजराइल के बिच सम्बन्ध वैसे तो कई सालो से अच्छे रहे थे. किन्तु अब उनमे दरार आ गयी है. ईरान एक मुस्लिम राष्ट्र है, तो वही इजराइल एक यहूदी राष्ट्र है. इस्लामी क्रांति के बाद इन दो देशो में दरार आ गयी. ईरान में राजशाही शासन का र्हास होना इसका मूल कारण था. इस्लामी क्रांति के बाद बिघडे इन देशों के सम्बन्ध आज दुश्मनी में बदल गए है. आज की घडी में यह देश आमने सामने खड़े है. अब एक बार फिर इन दोनों देशों के सूत्रों की तरफ से लड़ाई होने की आशंका बताई जा रही है.

 

बीते हफ्ते सीरिया में एक हवाई हमला किया गया था जिस हमले मे ९ ईरानी सैनिकों की मौत हो गयी थी. ईरान ने इस हमले के लिए इजराइल को जिम्मेदार बताया था. इजरायल ने आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है और न ही इस हमले से इनकार किया है, लेकिन एक इजरायली रक्षा बल के सूत्र ने ९ अप्रैल को न्यूयॉर्क टाइम्स को इस हमले के लिए जिम्मेदार बताया था. इजरायल अब खुद को ईरान से सीधे हमले के लिए मजबूत करने में लग गया है. क्योंकि ईरान इजराइल पर कभी भी जवाबी हमला कर सकता है. आईडीएफ कथित तौर पर मानते हैं कि ईरान की सेना का हमला सीरिया से संबद्ध किसी एक एयरबेस से शुरू होगा और इसके लिए किसी भी कार्रवाई के खिलाफ तेहरान को चेतावनी दी गयी है.

तनाव के कारण इजरायल के सैनिकों ने पिछले हफ्ते इजरायल सीरियाई सीमा के करीब ही स्थित गोलन हाइट्स में अपने बख़्तरबंद गाड़ी के शीर्ष पर खड़ा सीरिया के अंदर से किसी भी ईरानी कार्रवाई पर दृढ़ता से प्रतिक्रिया व्यक्त करेगा. जे पोस्ट के मुताबिक “आईडीएफ के वरिष्ठ सूत्र ने स्काई न्यूज को बताया है की इसराइल, जो अक्सर अपने पड़ोसी देश सीरिया के सात साल के गृह युद्ध के दौरान सीरियाई सेना के स्थानों पर आक्रमण किया है, न तो पुष्टि की है और न ही हमले और होने से इनकार किया है. लेकिन इजरायल के अधिकारियों ने ने कहा है कि सीरिया का तियास एयरबेस ईरान के सैनिकों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है और इज़राइल सीरिया में अपने कट्टर दुश्मन कि ऐसी उपस्थिति को स्वीकार कभी नहीं करेगा.

ईरान के तन्सीम समाचार एजेंसी ने कहा कि हमले में सात ईरान के सैन्य कर्मियों को मार दिया गया है, जीस वजह से पश्चिम और रूस के बीच का तनाव और भी तेजी से बढ़ रहा है. इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साप्ताहिक कैबिनेट की बैठक में रविवार को कहा कि वह सीरिया में ईरान के खिलाफ कार्यवाही जारी रखेगा. नेतनयाहू ने बताया कि उन्होंने शनिवार शाम को ब्रिटिश प्रधान मंत्री थेरेसा मे से बात की थी और कहा था कि “इस हमले से जो अंतरराष्ट्रीय सन्देश मिला है वह गैर-परंपरागत हथियारों के उपयोग के लिए शून्य सहिष्णुता है” मिडल ईस्ट मॉनिटर की खबरों के अनुसार अमेरिकी, ब्रिटिश और फ्रांसीसी सेना ने सीरिया पर शनिवार रात को सीरिया में हुए रासायनिक हमलों के जवाब में सौ से ज्यादा मिसाइल हमले किये, जिसमे कई लोग मारे गए थे.”Related imageनेतान्याहू ने कहा की “मैंने फिर उनसे कहा कि इस नीति को आतंकवादी राज्यों और समूहों को परमाणु क्षमता बनाने से रोकने में भी व्यक्त किया जाना चाहिए.” सीरिया में इरान के खिलाफ चल रही कार्रवाही का इसरायली होमलैंड सुरक्षा मंत्री गिलद एर्दान और शिक्षा मंत्री बेनेट ने अपना समर्थन दिया. इजराइली सुरक्षा मंत्री गिलाद एर्दान ने कहा की “हम सीरिया में ईरान की सैन्य प्रतिष्ठान के खिलाफ अपनी कार्यवाही जारी रखेंगे , जो की इजराइल के लिए खतरा हो सकती है तो वहीँ रहेंगे, जो इजरायल की सुरक्षा को खतरा है,” बेनेट ने कहा, “इज़राइल को इसकी सीमा पर जाने का पूर्ण अधिकार है और इजराइल स्वंतंत्र है और सभी संभव नतीजों के लिए तैयार है.” पिछले हफ्ते रूस, सीरिया और ईरान ने इस्राइल को होम्स प्रांत में टी -४ सैन्य हवाई अड्डे के खिलाफ हवाई हमले की शुरूआत करने पर आरोप लगाया था, जिसमें सात ईरानी नागरिको सहित १४ लोग मारे गए थे.

सीरिया में हुए हवाई हमले के एक दिन बाद इजरायल-सीरिया सीमा के पास सीरिया में हवाई अड्डे पर एक इजरायली आयरन डोम सिस्टम को देखा गया है. ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के थॉमस फ्रेडमैन ने इजरायल के सैन्य स्रोत का सन्दर्भ देते हुए कहा ‘तियास एयरबेस पर हम पहली बार ईरान के लक्ष्यों पर हमला कर रहे थे. थॉमस फ़्राइडमैन ने बताया कि सात ईरानियों को ईरान के क्रांतिकारी गार्ड्स कॉर्प्स की एक शाखा, क्यूड्स फोर्स के सदस्य के रूप में मारे गए, जो विदेशों में परिचालन की निगरानी करते हैं, और उनमें से एक एक ड्रोन इकाई के कमांडर के रूप में है. इजरायल की एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा ‘इस समय हमारे पास कोई टिप्पणी नहीं है.’ यह स्वीकार करते हुए कि यह सीरिया में संदिग्ध ईरानी तैनाती या लेबनान के हिजबुल्लाह के लिए हथियारों के स्थानांतरण के खिलाफ कई हमले किए गए हैं, इसराइल आम तौर पर विशिष्ट अभियानों पर टिप्पणी नहीं करता है.

संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने १०५ मिसाइलों को लक्षित करने के कुछ दिनों पहले तियास पर हमला किया गया था. जिसके बारे में वाशिंगटन ने बताया था कि सीरिया में तीन रासायनिक हथियारों को बनाने और रखने की संदिग्ध ठिकानो पर किया गया था. लेकिन सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने से साफ़ इंकार कर दिया है. इजरायल के स्रोत के न्यूयार्क टाइम्स पर टिप्पणी के बावजूद कि तियास में ईरानियों की हत्या सीरिया में इजरायली अभियानों के लिए अप्रत्याशित थी, वहां एक २०१५ में हवाई हमला किया गया था जिसमें हिजबुल्ला ने इस्राएल पर आरोप लगाया था कि कई लेबनान के लड़कों के साथ एक ईरानी जनरल की हत्या कर दी गई थी. इरान फिलहाल परमाणु बम बनाने की तैयरी में जुट गया है.