Home देश स्पीकर को मिले राहुल के खिलाफ ये नोटिस, फंस गए राहुल

स्पीकर को मिले राहुल के खिलाफ ये नोटिस, फंस गए राहुल

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राफेल डील पर सोमवार को संसद में जमकर हंगामा हुआ. सत्तारूढ़ बीजेपी और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने एक दूसरे पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया. बीजेपी के ४ लोकसभा सांसदों ने तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे दिया. फिलहाल, स्पीकर सुमित्रा महाजन इस नोटिस की जांच कर रही हैं. उन्होंने कहा कि वह इसे देखने के बाद फैसला करेंगी.

उधर, राफेल विमान सौदे पर कांग्रेस पार्टी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने राफेल सौदे पर संसद को गुमराह किया है, ऐसे में यह स्पष्टतौर पर विशेषाधिकार हनन का मामला है. बीजेपी के ४ सांसदों- निशिकांत दुबे, अनुराग ठाकुर, दुष्यंत सिंह और प्रहलाद जोशी ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. इन सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया है.

बीजेपी सांसदों का कहना है कि गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ ‘झूठे’ आरोप लगाकर सदन को ‘गुमराह’ किया है. प्रश्न काल के समाप्त होते ही दुबे ने कहा कि उनके द्वारा विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया है. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी जब भी बोलते हैं तो बीजेपी को अपने वोटों में इजाफा करने में मददगार होता है. ‘ कांग्रेस सांसदों के विरोध के बीच स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा, ‘मैं इसे देखूंगी और उसके बाद आपको बताऊंगी.

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने संसद से बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘पीएम और रक्षा मंत्री ने संसद को गुमराह किया. फ्रांस सरकार द्वारा जारी किए गए बयान में सिक्यॉरिटी, डिफेंस और ऑपरेशनल क्षमता से जुड़ी सूचनाओं को गोपनीय बताया गया है. उसमें कहीं भी कीमत का जिक्र नहीं किया गया है .कीमत गोपनीयता समझौते के दायरे में नहीं आती है.

उधर, पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा है कि सरकार राफेल सौदे की कीमतों को छुपा नहीं सकती है क्योंकि कैग और लोक लेखा समिति द्वारा उनकी जांच होनी है. उन्होंने कहा कि भारत-फ्रांस के बीच २००८ में हुए करार में यह कहीं नहीं है कि रक्षा सौदे से जुड़ी व्यावसायिक खरीदारी की कीमत का खुलासा नहीं किया जा सकता है. एंटनी ने दो टूक कहा कि राफेल सौदे में गोपनीयता प्रावधान का सरकार का दावा गलत है. उन्हें प्रत्येक विमान की कीमत का खुलासा करना होगा.