Home देश 31 जुलाई को बिहार में हो सकता है ये बडा ऐलान

31 जुलाई को बिहार में हो सकता है ये बडा ऐलान

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बारिश कम होने से पूरा बिहार सुखाड़ की चपेट में है. आज विधान सभा में सूखे को लेकर विशेष चर्चा हो रही है. इसको लेकर पक्ष-विपक्ष में जोरदार हंगामा हो रहा है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार को जल्द से जल्द सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की तो सत्ता पक्ष की तरफ से अशोक कुमार सिंह ने कहा कि बाणसागर में हमारा १ /४  हिस्सेदारी है. खेती के लिए पानी की कमी नहीं होगी. बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है.

सूखे पर चर्चा करते हुए पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार को २ भागों में बांटा गया है. एक तरफ सुखाड़, एक तरफ बाढ़ का खतरा. सरकार को पेयजल की व्यवस्था करना पड़ेगी. ९० प्रतिशत ट्यूबवेल खराब पड़े हैं. मांझी ने कहा कि सूखे से निपटने के लिए सरकार ने पहले क्यों नहीं सोचा. पूर्व सीएम ने किसानों को मुफ्त बिजली देने की भी मांग की. साथ ही कहा कि सरकार किसानों की कर्ज माफ भी करे.कांग्रेस के रामदेव राय ने सदन में कहा कि जब से एनडीए की सरकार आई है तब से बिहार अकाल और सूखा के कगार पर है.

पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दीकी ने कहा कि सरकार मात्र औपचारिकता का निर्वहन कर रही है. किसानों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है. बिहार को जल्द से जल्द सूखाग्रस्त घोषित किया जाये. ३१ जुलाई का इंतेजार क्यों किया जा रहा है. सरकार डेंटिग पेंटिग में समय बर्बाद कर रही है. वहीं, आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने राज्य के किसानों की कर्जमाफी की मांग की है.

बता दें कि आज बिहार विधानसभा की कार्यवाही आज दो घंटा पहले ९ बजे से ही शुरू हुई है. प्रमुख विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल की मांग पर आज विधानसभा में सूखे को लेकर विशेष चर्चा हो रही है. ११ बजे तक का समय इस मुद्दे पर चर्चा के लिए रखा गया है. सरकार और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी राय सदन के पटल पर रख रहे हैं.

विधानसभा में बोलते हुए विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि इस वर्ष सामन्य से भी कम वर्षा हुई है. पूरे राज्य में सुखाड़ की स्थिति है. उन्होंने पूरे राज्य को सुखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने की मांग भी की है. तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर परिस्थिति से लड़ने के लिए कोई तैयारी नहीं थी. उन्होंने डीजल अनुदान देने में भी देरी का आरोप लगाया.