Home देश PM पद पर ममता का राहुल और सोनिया से बयान

PM पद पर ममता का राहुल और सोनिया से बयान

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी से बुधवार शाम उनके आवास पर मुलाकात की. इस बैठक में तीनों नेताओं के बीच असम एनआरसी और २०१९ के आम चुनाव पर चर्चा हुई. ममता बनर्जी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री पद की होड़ में नहीं हैं और शीर्ष पद के लिये उम्मीदवार सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर चुनेंगी.

मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि उनके और सोनिया के बीच पुराने संबंध हैं. उन्होंने बताया कि २०१९ में एक साथ चुनाव लड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई.ममता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य में गठबंधन की संभावना पर चर्चा की.’’ गृह युद्ध वाले बयान के संदर्भ में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है. मेरी चिंता उन ४० लाख लोगों को लेकर है जिनके नाम एनआरसी से बाहर हैं.’’

ममता ने दावा किया कि भाजपा राजनीतिक रूप से परेशान है क्योंकि वह जानती है कि २०१९ में वह सत्ता में नहीं आने वाली है.इससे पहले बनर्जी ने बुधवार को संसद में बीजेपी नेता लालकृष्ण अाडवाणी से संसद स्थित उनके कक्ष में मुलाकात की थी और इसे ‘‘शिष्टाचार भेंट’’ बताया थी. दोनों के बीच करीब २० मिनट तक बातचीत हुई.

बीजेपी से निलंबित नेता कीर्ति आजाद भी संसद में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में ममता से मिलने पहुंचे. इसके अलावा कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने भी उनसे मुलाकात की.आजाद ने मुलाकात के बाद कहा, ‘‘विपक्ष को एक करने के उनकी कोशिश सराहनीय हैं.’’ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के एनडीए गठबंधन के खिलाफ बुधवार को संसद में १४ विपक्षी दलों से मिलने की संभावना है.

ममता बनर्जी ने कहा युपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से असम NRC मुद्दे पर भी चर्चा हुई है. भाजपा पर हमला बोलते हुए ममता ने कहा है कि उनके हर एक बयान पर प्रतिक्रिया देने के लिए वो उनकी नौकर नहीं है.बता दें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण अाडवाणी से संसद स्थित उनके कक्ष में मुलाकात की और इसे एक “कर्ट्सी कॉल” या ‘‘शिष्टाचार भेंट’’ बताया.

भारतीय जनता पार्टी राजनितिक रूप से परेशान है क्यूंकि उन्हें पता है कि वो २०१९ में सत्ता में नहीं आने वाले है. बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज दिल्ली में है. NRC मुद्दे पर सभी विपक्षी पार्टियों के नेता से मुलाकात कर उन्हें एक जुट करने की कोशिश में जुटी हुई है.ममता ने ना सिर्फ विपक्षी पार्टी के नेताओं से मुलाक़ात कर रही है, बल्कि वो भाजपा के बागी नेताओं से भी मिली है.

संसद में लालकृष्ण अडवाणी से मुलाक़ात करने के बाद यशवंत सिन्हा और मनोहर जोशी से मुलाक़ात कर उनसे एक टीम असम भेजने की मांग की है.बीजेपी से निलंबित नेता कीर्ति आजाद भी संसद में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में ममता से मिलने पहुंचे. इसके अलावा कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने भी उनसे मुलाकात की.

आजाद ने मुलाकात के बाद कहा, ‘‘विपक्ष को एक करने के उनकी कोशिश सराहनीय हैं.’’ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के एनडीए गठबंधन के खिलाफ बुधवार को संसद में १४ विपक्षी दलों से मिलने की संभावना है.बता दें कि ममता बनर्जी केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ जनवरी २०१९ में एक बड़ी रैली करने जा रहीं हैं. यह रैली ममता के ‘बीजेपी भगाओ, देश बचाओ’ अभियान की एक हिस्सा है.

जिसके तहत ममता सभी गैर बीजेपी दलों को एक मंच पर इकट्ठा करना चाह रही हैं. उनकी यह मुलाकातें उस कवायद का एक हिस्सा मानी जा रही है।बुधवार को ममता बनर्जी यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी से उनके आवास १० जनपथ पर मुलाकात कर उन्हें इस रैली में शामिल होने का न्यौता दिया. वहीं ममता बनर्जी की मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी हुई. आपको बता दें कि कांग्रेस पहले ही यह संकेत दे चुकी है कि वह गैर आरएसएस समर्थित किसी भी दल के किसी नेता को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने के खिलाफ नहीं है.