Home देश PM मोदी के इस हाहाकारी फैसले से कट्टरपन्तियों में आया भूचाल

PM मोदी के इस हाहाकारी फैसले से कट्टरपन्तियों में आया भूचाल

SHARE

भारत में भा ज पा की सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कमर कस ली है. देश में कुछ राज्यों में कट्टरपंथी संघटनाओ पर पूरी तरह निर्बंध लगाया गया है.

भारत में कट्टरपंथी संघटनाओ की बढती गतिविधियों को देख एक बात जरूर कह सकते है की कांग्रेस सरकार ने इस विषय पर कदम ना उठाने का यह नतीजा है जो आज देश को भुगतना पड रहा है. जाकीर नाईक, ईसिस जैसे आतंकी संघटनाओ के समर्थको के लिए देश में नारे लगाये जा रहे है. ईससे बड़ा बवाल तो तब मच गया जब देश के पूर्व उप राष्ट्रपति हामीद अन्सरि भी ऐसी संघटनाओ के करतूतों पर पर्दा डालने के लिए आगे बढ़ गए थे. ताजा खबरों के अनुसार ज़ारखंड राज्य ने देश में पहली बार ऐसी संघटनाओ के खिलाफ एक कठोर कदम उठाया है. ज़ारखंड में दहशत की राह पर चल रही कट्टर जिहादी संघटन पी एफ आई यानि पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर पूरी तरह प्रतिबन्ध लगा दिया गया है.

ज़ारखंड सरकार ने लगाये इस प्रत्बंध के अंतर्गत यहाँ की पुलिस अब इस संघटना से जुड़े किसी भी झंडे, बैनर, हथियार,  या गतिविधियों में शामिल किसी भी दोषी को गिरफ्तार कर सकती है. यह संघटन मुख्या रूप से केरल में कार्यरत है. केरल से ही सबसे ज्यादा युवा ईसिस में शामिल हो रहे. कहते है की खुद केरल सरकार ने ही इस संघटन को पनाह दी है. पी एफ आई एक कट्टरपंथी वचारधारा वाला संघटन है. इस संघटन पर क़त्ल, फिरौती, हथियार चलने के प्रशिक्षण, धर्म परिवर्तन, ईसिस को समर्थन जैसे कई आरोप इस संघटन पर है. पी एफ आई संघटन के फरार उपदेशक जाकिर नाईक के समर्थन में कई बार इस संघटन आवाज उठायी है. आर एस एस कार्यकर्ताओ की हत्या के आरोप भी उनपर है. आर एस एस के १५० से ज्यादा कार्यकर्ताओ की बेरहमी से हत्या कर डी गयी थी.

५ जुलाई २०१७ को पी एफ आई के संघताको ने पाकुड़ में आक्रोश रैली निकाली थी. इसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. संघटना के प्रदेश उप अध्यश हंजला शैख़, सचिव, अब्दुल हन्नान और पूर्व सचुव के नेतृत्व में यह रैली निकली गयी. इसमें लोग छकू, तलवार जैसे हथियार हाथ में ले कर सड़क पर उतरे थे. उन्होंने पाकुड़ थाना में दंगल मचाई, वहां तथा दुकानों में आग लगायी, और बड़ी मात्रा में नुक्सान किया था. इस संघटन पर अब जल्द ही पुरे देश में निर्बंध लगाने जरुरी हो गया है. यह ऐसे संघटन देश को अंदर से खोकला बना रहे है. देश की सुरक्षा और शांति बनाये रखने लिए और आतंकवाद को रोकने के लिए यह जरुरी है. शायद मोदी सरकार की ऐसा बड़ा फैसला ले सकती है.