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PM मोदी के चलते इसराइल से भारत को मिलेगा ये तौफा, पाकिस्तान का सर चकरा गया

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भारत सरकार जल्द ही अपनी ह‌थियार क्षमता बढ़ाने के ‌लिए इजरायल से ‘स्पाइक’ मिसाइल खरीदने की तैयारी कर रही है. यह मिसाइल अपने कट्टर दुश्मन पाकिस्तान के खिलाफ एंटी टैंक क्षमता को और मजबूत करेगा. बता दे की इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने इस बात की जानकारी दी है.

इजरायल में बनी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल स्पाइक की खरीद के लिए भारत ने एक बार फिर से कदम बढ़ाए है. फिर से इसलिए क्योंकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दौरे से ठीक पहले नवंबर २०१७ में भारत ने ५० करोड़ डॉलर के इस मिसाइल सौदे को रद कर दिया था. इससे दोनों देशों के रक्षा संबंधों को झटका लगा था. ब्लूमबर्ग में छपी की रिपोर्ट की मानें तो डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन आने वाले तीन साल में स्वदेशी ऐंटी-टैंक मिसाइल बनाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन सेना तब तक के अंतर को खत्म करने के लिए स्पाइक मिसाइल खरीदना चाहती है. इस खरीदारी का प्रस्ताव अपनी काफी अडवांस्ड स्टेज पर है. सूत्रों ने बताया कि इस प्रस्ताव के लिए सरकार की हां का इंतजार है. बता दे एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल को इजरायल की सरकारी क्षेत्र की कंपनी राफाएल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स बनाती है.

सूत्रों के अनुसार अब इस सौदे में किसी बिचौलिये को न रखने की योजना है. फ्रांस से राफेल डील की तरह अब स्पाइक मिसाइलों का सौदा दोनों देशों की सरकारों के बीच होगा, जिससे भारत को फायदा होगा. बता दें कि सौदे को रद करते समय कहा गया था कि डीआरडीओ इसी तरह की एंटी टैंक मिसाइल बना रही है. इसके शुरुआती टेस्ट सफल रहे है. कुछ सालों में स्वदेशी एंटी टैंक मिसाइल भारतीय सेना को मिलनी शुरू हो जाएंगी. लेकिन अभी तक इसमें कामयाबी नहीं मिली. आर्मी की जरूरतों को देखते हुए इस मिसाइल की खरीद का फैसला इसी साल लिया जा सकता है. राफेल के इजरायल स्थित दफ्तर के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि इस संभावित डील पर अभी चर्चा हो रही है, लेकिन जब तक डील साइन नहीं हो जाती है, तब तक वह इस पर कुछ भी कहना नहीं चाहते है.

डीआरडीओ ने साल २०१८ के आखिर तक भारत में बनी ऐंटी-टैंक मिसाइल देने का वादा किया था. उम्मीद की जा रही है की डीआरडीओ २०२१ तक बड़ी संख्या में इसका प्रोडक्शन शुरू करेगा. इसलिए सरकार सेना की मौजूदा जरूरत को देखते हुए फौरी तौर पर इजरायल से एंटी गाइडेड मिसाइल स्पाइक को खरीदने की तैयारी कर रही है. पैसे को लेकर भी डील करीब-करीब फाइनल है. बस सरकार की हरी झंडी मिलने का इंतजार है. भारतीय सेना में स्पाइक मिसाइलें शामिल होने के बाद पाकिस्तान के खिलाफ सेना की ऐंटी-टैंक कैपेबिलिटी काफी बढ़ जाएगी. बता दे की भारत ने डीआरडीओ के उस वादे के बाद उस डील को कैंसल करने का फैसला लिया था, जिसमें कहा गया था कि वह जल्द आर्मी की जरूरों के हिसाब से ८००० ऐंटी-टैंक मिसाइल देगा.