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PM मोदी के चलते भारत के लिए अमेरिका ने अपने कानून में किये ये बड़े बदलाव

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Washington DC: Prime Minister Narendra Modi meeting the President of United States of America (USA), Donald Trump and the first lady of USA, Melania Trump at White House, in Washington DC, USA on Tuesday.PTI Photo /pib(PTI6_27_2017_000029B)

अमेरिका अपने रिश्ते भारत के साथ सुधारने के लिए काफी कोशिश कर रहा है.इस दौरान अमेरिका ने रूस पर एक के बाद एक कई प्रतिबंध लगा दिए हैं.जिसके कारण रूस अपने हथियार अब बेच नहीं सकता.अमेरका ने भारत के साथ दोस्ती के वजह से रूस के लिए तैयार किए गए नए कानून को बदलने की तैयारी शुरू कर दी है.

दरहरसाल भारत और रूस के बीच S-400 डिफेंस मिसाइल प्रणाली का सौदा हो चुका है.अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का सीधा असर इस डील पर होना तय है.अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने अमेरिकी संसद से तत्काल प्रभाव से भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा छूट देने की अपील की है. उन्होंने कहा कि रूस से एस -400 वायु संरक्षण मिसाइल प्रणाली खरीद को रोकने के लिए बनाए गए नए कानून के तहत भारत पर प्रतिबंध लगाने से अमेरिका का ही नुकसान होगा.कांग्रेस की सीनेट सशस्त्र सेवा समिति में सुनवाई के दौरान मैटिस ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि भारत और अन्य देशों को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय सुरक्षा छूट दी जानी चाहिए, जो ‘काउंटरिंग अमेरिका एडवर्जरिज थ्रू सेक्शन एक्ट’ (सीएएटीएसए) के तहत प्रतिबंधों से दूर रहने के लिए रूस के हथियार लेने से बचने की कोशिश कर रहे हैं.

२०१७ अगस्त में सीएएटीएसए पर हस्त्षर किये गए थे.परंतु इस साल के जनवरी से प्रभाव में आया.यह प्रतिबंद अमेरिका प्रशासन को उन देशों या कंपनियों को दंडित करने का अधिकार देता है जो रूस के रक्षा या खुफिया क्षेत्र से जुड़ा कोई लेन देन करता है.रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने भारत और अमेरिका के संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा की भारत शायद एक ऐसा देश है जहां अमेरिका को कई साझा हित खोजने का सदियों में एक बार मिलने वाला अवसर हाथ लगा है.अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने सरकारी एजेंसियों एक आदेश जारी किया है की विदेशों में हथियारों की बिक्री में तेजी लाए और उसका विस्तार करे.जिसमें सहयोगी सेनाओं को मजबूत करने के लिए उन्नत ड्रोन का निर्यात शामिल है.ये फैसला भारत जैसे देशों के लिए सहायक होने की संभावना है.

रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने अमेरिकी संसोदोसे कहा की -वे जब पूरी क्षेत्र पर नज़र डालते है तभी जो सबसे महत्वपूर्ण है,वो मुझे भारत दिखाई देता है.पृथ्वी पर सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश और शायद एक ऐसा देश जहां हमें कई साझा हित खोजने का सदियों में एक बार मिलने वाला अवसर मिल रहा है.रूसी सैन्य साजो सामान के निर्यात पर अमेरिकी प्रतिबंध से भारत के साथ हुए 60 लाख डॉलर के सौदे पर ग्रहण लग सकता है.परंतु भारत को कोई खतरा नहीं की क्यूंकि अमेरिकी रक्षामंत्री ने इस बारे में पहले ही अपील की है.अमेरिका के राष्ट्रपिता ने पिछले साल एक ऐसे कानून पर हस्ताक्षर किये थे जिसके कारण यह प्रावधान किया गया था कि जो कोई देश रूस के साथ रक्षा और खुफिया क्षेत्रों में सौदा करेंगे उन्हें प्रतिबंध झेलने के लिए तैयार रहना होगा.