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PM मोदी के दबाव के कारन खुद पाक के राष्ट्रपति ने ही ले लिया ये बड़ा फैसला

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नरेन्द्र मोदी की राजनीती की वजहसे आज भारत को काफी फायदा हुआ है. पाकिस्तान के खिलाफ उनकी राजनीती का जवाब नहीं. मोदीजी सबका दिल  जीतते है   और समस्याओं का हल भी ढूडते है.

पाकिस्तान जस्बातों में आकर LOC पे हमले कर रहे है. अमेरिका ने आर्थिक मदत पर रोक लगाने की वजहसे पाकिस्तान को तकलीफों का सामना करना पड रहा है. भारत या अमेरिका ही नहीं लेकिन दुसरे देशो से भी पाकिस्तान पर दबाव पड रहा है.  मोदीजी ने तोह पाकिस्तान का सारा कच्छा चिठा पूरी दुनिया के सामने लाकर रख दिया है. ऐसी बहोत सारी तकलीफों की वजहसे पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने मजबूर होकर एक बड़ा फैलसा लिया. इन्होने संयुक्त राष्ट्र परिषद् द्वारा प्रतिबन्ध व्यक्ति और अनेक संगटन को रोक लगाने का सोचा है और एक समझौता . और उनसे दस्तख़त भी लिए है. इस में लिखा है की संघटनो को सूचित किया जा रहा है अगर कोई आतंकी हमले हुए तोह उनके संघटन, बैंक खाते आदि को बंद किया जायेगा.

पाकिस्तान के न्यूज़पेपर में लिखा है की अगर कोई आतंकी हमले होंगे या आन्तंकी को बढ़ावा मिल्ले तोह उन संघटनो पर कारवाही की जाएगी. पाकिस्तान ने बहोत सोचा की आन्तंकी मामलों पर रोक न लगा दी जाये. लेकिन पाकिस्तान अपनी गलतियों से बाज़ नहीं आता.पाकिस्तान का वजूद धीरे धीरे खो रहा है. पाकिस्तान ने डर कर सरकारी अध्य्देश  पर दस्तख़त कर ही दिए. पाकिस्तान अभी भी ये सूचित नहीं कर रहा की उन्होंने ये कदम उठाया है. पाकिस्तान के राष्ट्रिय भवन में एक अधिकारी ने कहा ” ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है और कोई बात विस्तार में नहीं बताई. केवल रक्षा मंत्री ही आपको सूचित करेंगे. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् की सूचि में अल कायदा,ए तालिबान पाक, लशकर ए झान्ग्वे,जम्माद उद्दावा, फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन, लशकर ए तय्बत और अन्य संघटन शामिल है.

पिछले साल दिसम्बर में सरकार ने हफिस सय्यद से जुड़े २ संघटनो पर रोक लगाने की योजना की थी. एफ़ आय एफ और जम्माद उद्दावा इन २ संघटनो पर नियंत्रण लगाना जरूरी था. बादमे पता चला की हफिस सय्यद की रोक लगानेसे पाकिस्तान मजबूर हो जायेगा. अब सारे  देश पाकिस्तान के खिलाफ हो रहे है. भारत और अमेरिका साथ में बढ़ रहे है. और पाकिस्तान अब मजबूर होकर खुदको कमज़ोर साबित कर रहा है. पाकिस्तान के पास अब कोई ज्यादा मदत करने वाल नहीं है. पाकिस्तान के पास अब पर्यत्प रुपये भी नहीं है की वह अपने देश को संभाल पाए. उनके पास अब कोई योजना नही रही जिससे वह दुसरे देशोको परेशान कर सके. पाकिस्तान को अब अन्तंकियों का साथ लेना छोड़ देना चाहिए नहीं तोह आने वाले दिनों में पाकिस्तान एक निलंबित देश हो जायेगा.