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PM मोदी ने अचानक ही कोरिया में भेजे अपने मंत्री, ये वजह आयी सामने

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सिंगापूर में होने वाली किम-ट्रम्प की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नज़र लगी हुयी है.इन दोनों मुलाकात से पहले नार्थ कोरिया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह चीन होते हुए नॉर्थ कोरिया के प्योंगयोंग शहर पहुंचे हैं. वीके सिंह का नॉर्थ कोरिया का अनौपचारिक दौरा इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि २० सालों में वो पहले भारतीय मंत्री हैं जो उत्तर कोरिया गए हैं.

त्तर कोरिया के साथ भारत के संबंध आने वाले समय में कोई महत्वपूर्ण करवट ले सकते हैं. सिंगापुर में 12 जून को अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की मुलाकात से पहले भारत के विदेश राज्यमंत्री की मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है.हालांकि, विदेश मंत्रालय की तरफ से अभी तक इस दौरे को लेकर कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया. है. विदेश मंत्रालय की चुप्पी को देखते हुए सिंह के प्योंगयोंग दौरे को खास माना जा रहा है. माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंध को आगे बढ़ाने के साथ नॉर्थ कोरिया के परमाणु प्रसार नीति को लेकर भी भारत चर्चा करेगा.जनरल वीके सिंह ने बुधवार को प्योंगयोंग में सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के प्रेसिडियम के वाइस प्रेसिडेंट किम योंग दाई, विदेश मंत्री पाक चुन नाम, संस्कृति मंत्री और चोई हुई चोल से राजनीतिक, क्षेत्रीय, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक के मुद्दे पर बातचीत की.

बातचीत के दौरान भारत ने नॉर्थ कोरिया और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर चिंता जताई. आपको बता दें कि नॉर्थ कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम को विकसित करने में पाकिस्तान के एक्यू खान से कथित तौर पर मदद ली थी.विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा, ” भारत नॉर्थ कोरिय और साउथ कोरिया के बीच शांती पहल का समर्थन करता है. भारत ने परमाणु प्रसार से खतरे को उजागर किया. नॉर्थ कोरिया ने कहा कि एक दोस्ताना देश के नाते वो किसी भी कार्रवाई की अनुमति नहीं देगा जो भारत की सुरक्षा के लिए चिंता पैदा करेगी.”भारत और नॉर्थ कोरिया के बीच ये बातचीत उस वक्त हुई है जब उत्तर कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अपने नेता किम जोंग उन के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता को रद्द करने की धमकी दी है. दोनों की 12 जून को सिंगापुर में वार्ता प्रस्तावित है.