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PM मोदी ने पुतिन से की ये ऐतिहासिक डील, ट्रम्प भी रह गए हैरान

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भारत ने रूस के साथ एक ऐसी डील की है जिससे न केवल रूस के साथ भारत के रिश्ते मजबूत होगें बल्कि भारत रक्षा के क्षेत्र मे कई देशों से आगे निकल जायेगा. भारत ने रूस के साथ एस-४०० मिसाइल खरीदने के लिए ४० हजार करोड़ रुपये की डील की है.

भारत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक की आत्मनिर्भरता के साथ ही अन्य देशों के साथ महत्वपूर्ण समझौता कर इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. भारत की सकारात्मक सोच औऱ ठोस रणनीति अपनी रक्षा जरुरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. खासकर पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों के अड़ियल रुख ने भारत को कुछ हद तक इसके लिए मजबूर भी किया है. अब इसी को देखते हुए भारत ने अमेरिकी दबाव के बावजूद ऐसा काम करने जा रहा है जिससे न केवल भारत की रक्षा प्रणाली बेहतर होगी बल्कि इस देश के साथ भारत के रिश्ते की मिसाल कायम होगी. यहां पर भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे नही झुकेगा. आपको बता दें कि अमेरिका अपने सीएएटीएसए के कानूनों का हवाला देते हुए भारत पर दबाव बनाता रहा है कि वह रूस के साथ कोई ऐसा समझौता न करे. इस संबंध में रूस में भारत के राजदूत पंकज शरण ने कहा कि भारत रुस के साथ अपनेे सभी सैन्य प्रौद्योगिकी समझौतों को लेकर प्रतिबध्द है. उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि भारत एस-४०० खरीद से पीछे नही हटेगा.

भारत रूस से अपनी वायुसेना के लिए एस-४०० ट्रायंफ वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली खरीदने जा रहा है. इसके मद्देनजर भारत चाहता हेै कि रूस के साथ उसके रक्षा क्षेत्र के रिश्तों को अमेरिका के कड़े सीएएटीएएस कानून से छूट मिले. भारत अगले महीने वॉशिंगटन मे होने वाली बैठक में अमेरीकी अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को उठा भी सकता है. रूस के साथ भारत के मजबूत रणनीतिक, आर्थिक एवं राजनयिक संबंध रहे हैं और अब इस डील से भारत और रूस के रिश्तों को नया आयाम मिलेगा. पिछले महीने रूस के शहर सोची में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के बीच हुई अनौपचारिक वार्ता ने इस डील के होने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पिछले महीने ही भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस के शहर ‘सोची’ की यात्रा की थी. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में सैन्य प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा की थी.