Home देश PM मोदी ने रूस को लेकर अमेरिका को दी ये चेतावनी, भारत...

PM मोदी ने रूस को लेकर अमेरिका को दी ये चेतावनी, भारत और रूस के रिश्ते में नया मोड़

SHARE

अमेरिका की तरफ से मास्को पर लगाये जा रहे प्रतिबंध के बावजूद भी भारत रूस के रक्षा क्षेत्र में कोई आसार नहीं पड़ेगा.रूस पर अमेरिका ने जनवरी, २०१८ से प्रतिबंध लगाना शुरू किया है.अमेरिका ने लगाए प्रतिबंद के होते हुए भी भारत रूस से एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद से पीछे नहीं हटेगा.

अभी हाल ही में भारत ने वायु सेना के लिए रूस से एस-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए कीमत संबंधी बातचीत पूरी कर ली है. यह पूरा सौदा करीब ४०,००० करोड़ रुपये में तय हुआ है.जानकारियों के मुताबिक भारत इस सौदे को अमेरिकी कानून सीएएनटीएसए से अगल रखने के पक्ष में है और वह इस मुद्दे पर बातचीत के लिए भी तैयार है. दोनों देशों के बीच अगले महीने वाशिंगटन में २+२ की बैठक होनी है, जिसमें इस मुद्दे को उठाया जा सकता है.रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण.मोदी सरकार का चार साल पूरा होने के मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, मने अमेरिका को भारत व रूस के रिश्तों के बारे में साफ साफ बताया है कि कितना पुराना और हर मौके पर खरा उतरने वाला रिश्ता है. भारत अपने रक्षा तैयारियों के लिए अभी भी बहुत हद तक रूस पर निर्भर है. अमेरिका की तरफ ले लगाये जा रहे प्रतिबंध (काटसा- अमेरिका के विरोधियों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून) से इस पर कोई असर नहीं होगा.

गौरतलब है कि जनवरी में अमेरिका ने ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सिरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (सीएएटीएसए) के तहत मॉस्को पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगा दिया था. भारत अपनी रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रूस से एयर डिफेंस सिस्टम की खरीदारी कर रहा है, जिसे चीन के साथ लगी ४००० किलोमीटर लंबी सीमा पर तैनात किया जाएगा. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रूस और भारत अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ होने वाली बैठक से पहले इस सौदे की घोषणा कर सकते हैं. अमेरिकी सांसद और विशेषज्ञ भारत को इस बात के लिए चेता चुके हैं कि अगर उन्होंने प्रतिबंध के बावजूद रूस से इस सिस्टम की खरीदारी की तो यह भारत और अमेरिकी रिश्तों के लिए घातक होगा.एस-400 मिसाइल एस-300 का उन्नत संस्करण है. अलमाज-एन्टे निर्मित यह मिसाइल प्रणाली रूस में साल २००७ से सेवा में है.