Home देश PM मोदी ने सेना को दी इस बड़े काम के लिए परमिशन,...

PM मोदी ने सेना को दी इस बड़े काम के लिए परमिशन, पाकिस्तान सेना में मचा हड़कंप

SHARE

रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए १२ उच्च शक्ति वाले रडार खरीदने सहित ५,५०० करोड़ रुपए से अधिक के सैन्य सामान खरीदने की मंजूरी दे दी. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक में इस पर फैसला किया गया. यह परिषद रक्षा मंत्रालय में खरीद संबंधी फैसले करने वाला शीर्ष निकाय है.

मंत्रालय ने बताया कि परिषद की बैठक के बाद रक्षा सेनाओं के लिए ५,५०० करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के उपकरण खरीदने की मंजूरी दी गई है.रक्षा खरीद के क्षेत्र में स्‍वदेशीकरण और आत्‍म निर्भरता के लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए, डीएसी ने ‘आईडीडीएम खरीदें (भारतीय)’ वर्ग के तहत भारतीय वायु सेना के लिए १२ हाई पॉवर राडार की खरीद को अनुमति दे दी गईये राडार पैराबोलिक ट्रेजेक्‍ट्री के बाद हाई स्‍पीड टारगेट का पता लगाने एवं नजर रखने की क्षमता के साथ लंबी दूरी, मध्‍यम एवं उच्‍च उन्‍नतांश राडार कवर उपलब्‍ध कराएंगे. प्रौद्योगिकी रूप से उत्‍कृष्‍ट इन राडारों में बिना एंटीना के मै‍केनिकल रोटेशन के ३६० डिग्री स्‍कैन करने की क्षमता होगी तथा न्‍यूनतम रखरखाव आवश्‍यकता के साथ २४ घंटे इनका परिचालन हो सकेगा.उल्लेखनीय है कि यह परिषद रक्षा मंत्रालय में खरीद संबंधी फैसले करने वाला शीर्ष निकाय है. सरकारी बयान के अनुसार परिषद की बैठक हुई जिसमें रक्षा सेनाओं के लिए ५,५०० करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के उपकरण आदि खरीदने को मंजूरी दी गई.

बता दें की सेना में सैन्य सामान की कमी के कारण सरकार की आलोचना हो रही थी. खुद सेना ने भी इसकी शिकायत की थी. कुछ दिन पहले लेफ्टिनेंट जनरल शरथचंद ने मेजर जनरल (रिटायर) बीसी खंडूरी की अध्यक्षता वाली संसद की रक्षा मामलों की स्थायी समिति से कहा था कि सेना का ६८% सैन्य साज़ो सामान ‘विंटेज’ श्रेणी का है यानि पुराना पड़ चुका है. जबकि २४ प्रतिशित हथियार और मशीनरी को‘आधुनिक’ और बाकी आठ प्रतिशत को ही ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ कहा जा सकता है.इन उपकरणों की खरीद देश में वायु रक्षा नेटवर्क की समग्र दक्षता को बढ़ाएगी. डीएसी ने भारतीय तटरक्षक एवं भारतीय सेना के लिए इंडियन शिपयार्ड से एअर कुशन वेहिकल्‍स (एसीवी) की खरीद को भी मंजूरी दी. ये क्राफ्ट सेवाओं की क्षमता में वृद्धि प्रदान करेंगे और उभयचर / नदी के संचालन के लिए उपयोगी साबित होंगे. विशेष रूप से ऐसी जगहों पर जहां एक द्वीप से दूसरे द्वीप, नदी के इलाके, क्रीक इत्यादि में जवानों और सामग्री को स्थानांतरित करने की आवश्यकता होती है.